- गुजरात के डिप्टी CM की लगी ड्यूटी, कांग्रेस खेमे में हलचल
- विधायकों की बुलाई मीटिंग
हरियाणा की दो राज्यसभा सीटों के लिए हो रहे चुनाव ने प्रदेश की सियासत में हलचल तेज है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने गुजरात के डिप्टी सीएम हर्ष सांघवी को ऑब्जर्वर लगा दिया है। बीजेपी के इस फैसले से कांग्रेस खेमे में हलचल मच गई है। कांग्रेस नेताओं का मानना है कि बीजेपी चुनाव में कोई उलटफेर कर सकती है। इसको देखते हुए पार्टी की ओर से कांग्रेस विधायक दल की मीटिंग बुला ली गई है।
वहीं आज नामांकन वापसी की लास्ट डेट है, इसके साथ ही यह साफ हो जाएगा कि मुकाबला किस रूप में होगा, लेकिन फिलहाल मैदान में तीन प्रमुख उम्मीदवारों की मौजूदगी ने राजनीतिक समीकरणों को दिलचस्प बना दिया है। चुनावी मैदान में भाजपा के उम्मीदवार संजय भाटिया, कांग्रेस के उम्मीदवार कर्मवीर बौद्ध और भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल के बीच मुकाबले की स्थिति बनती दिख रही है।
90 सदस्यीय हरियाणा विधानसभा के मौजूदा आंकड़ों के आधार पर एक सीट भाजपा और एक सीट कांग्रेस के खाते में जाने की संभावना मानी जा रही है। विधानसभा में कांग्रेस के 37 विधायक हैं, लेकिन नांदल की उम्मीदवारी के बाद संभावित क्रॉस वोटिंग को लेकर पार्टी सतर्क हो गई है।
बता दें कि हर्ष सांघवी गुजरात के एक प्रमुख युवा भाजपा नेता हैं, जिन्हें अक्टूबर 2025 में भूपेंद्र पटेल सरकार में उपमुख्यमंत्री (Deputy CM) बनाया गया है। 1985 में जन्मे, वह माजुरा विधानसभा सीट से तीन बार के विधायक हैं और गुजरात के अब तक के सबसे कम उम्र के गृह मंत्री भी रह चुके हैं।
कांग्रेस ने सीएलपी मीटिंग बुलाई
नाम वापसी पर स्थिति साफ होने के बाद कांग्रेस पार्टी की ओर से शाम को पार्टी कार्यालय में विधायक दल की मीटिंग बुलाई गई है। मीटिंग में सभी विधायकों को मौजूद रहने के लिए कहा गया है। मीटिंग में नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा, प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह और पार्टी प्रभारी बीके हरिप्रसाद मौजूद रहेंगे।
यदि चुनाव में नांदल नाम वापसी नहीं लेते हैं, तो कांग्रेस अपने विधायकों को भीतरघात से बचाने के लिए दूसरे स्टेट में शिफ्ट करने का फैसला ले सकती है।
CM सैनी की कांग्रेस विधायक से मुलाकात
कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया के घर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के पहुंचने से सियासत में चर्चा शुरू हो गई है। खास बात यह रही कि सीएम के पहुंचने से पहले ही सेतिया ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दे दी थी। उन्होंने पूरे कार्यक्रम का फेसबुक पर लाइव प्रसारण भी किया।
बाद में सेतिया ने पोस्ट कर बताया कि मुख्यमंत्री उनके छोटे भाई विभोर की शादी की वर्षगांठ देने और बच्चों को आशीर्वाद देने घर आए थे। इससे पहले चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में गोकुल सेतिया ने कहा कि हमारे मुख्यमंत्री खुशमिजाज हैं।
कांग्रेस ने सीएलपी मीटिंग बुलाई
नाम वापसी पर स्थिति साफ होने के बाद कांग्रेस पार्टी की ओर से शाम को पार्टी कार्यालय में विधायक दल की मीटिंग बुलाई गई है। इस मीटिंग में सभी विधायकों को मौजूद रहने के लिए कहा गया है। इस मीटिंग में नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा, प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह और पार्टी प्रभारी बीके हरिप्रसाद मौजूद रहेंगे।
यदि चुनाव में नांदल नाम वापसी नहीं लेते हैं, तो कांग्रेस अपने विधायकों को भीतरघात से बचाने के लिए दूसरे स्टेट में शिफ्ट करने का फैसला ले सकती है।
नांदल की एंट्री से बदला समीकरण
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सतीश नांदल की उम्मीदवारी का उद्देश्य विपक्षी खेमे में सेंध लगाने की कोशिश भी हो सकता है। यदि कांग्रेस के कुछ विधायक क्रॉस वोटिंग करते हैं या मतदान से दूरी बनाते हैं, तो मुकाबला रोचक हो सकता है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार कांग्रेस नेतृत्व भी इस चुनाव को लेकर पूरी तरह सतर्क है। बताया जा रहा है कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता हरियाणा के घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं और विधायकों को एकजुट रहने के निर्देश दिए गए हैं।
