- हरियाणा अनुशासन कमेटी आज भेजेगी सिफारिश
हरियाणा के राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोट करने वाले कांग्रेस के 5 विधायकों को अभी पार्टी से निकालने का फैसला अभी नहीं होगा। हालांकि, सख्त संदेश देने की गरज से इनमें से कुछ विधायकों का निलंबन हो सकता है। ऐसी स्थिति में ये विधायक सदन में पार्टी का व्हिप मानने को बाध्य होंगे।कांग्रेस अनुशासन समिति की बैठक में उन्हीं विकल्प पर चर्चा हुआ कि कैसी सजा दी जाए कि इन विधायकों को खुली छूट भी न मिले। कोशिश यही रहे कि ये विधायक न इधर के रहें ना उधर के। या मजबूरन खुद ही पार्टी छोड़ जाएं। सांसद कुमारी सैलजा गुट की दोनों विधायकों शैली चौधरी व रेनू बाला ने तो आखिरी समय में लेटर लिखकर पर्सनल हियरिंग का मौका भी ले लिया। बताया जा रहा है कि कमेटी के सामने इनमें से एक विधायक ने CLP भूपेंद्र हुड्डा और दूसरी ने प्रभारी बीके हरिप्रसाद को वोट दिखाने की बात कही।
सुबह 10 बजे दो विधायकों ने वॉट्सएप पर मांगा मौका
नारायणगढ़ विधायक शैली चौधरी और साढौरा विधायक रेनू बाला की ओर से अनुशासन समिति के चेयरमैन धर्मपाल मलिक को वॉट्सएप पर टाइप्ड लेटर भेजा गया। जिसमें कोई भी फैसला लेने से पहले व्यक्तिगत पेशी (पर्सनल हियरिंग) का मौका मांगा। जिसे स्वीकार कर लिया गया।
4 बजे दोनों विधायक पहुंचीं मीटिंग मेंः चंडीगढ़ में कांग्रेस मुख्यालय में अनुशासन समिति की बैठक शुरू होने का समय शाम 4 बजे निर्धारित था। उससे पहले ही शैली चौधरी और रेनू बाला वहां पहुंच गईं। रेनू ने मीडिया से बात किए बगैर अंदर चली गईं, जबकि शैली ने कहा कि उन्हें बुलाया गया था, इसलिए आईं।
10-10 मिनट दोनों को पक्ष रखने का मौका मिला
दोनों विधायकों को कमेटी के साथ बात रखने के लिए 10-10 मिनट मिले। पहले रेनू बाला ने अपनी बात रखी। उन्होंने दोहराया कि राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी को ही वोट दिया। उसके बाद शैली चौधरी अंदर गईं, उन्होंने भी यही बात कही। सूत्रों के मुताबिक एक विधायक ने कहा कि उन्होंने CLP भूपेंद्र सिंह हुड्डा को वोट दिखाया था, जबकि दूसरी ने कहा कि उन्होंने पार्टी प्रभारी बीके हरिप्रसाद को वोट दिखाया था।
एक घंटा कमेटी सदस्यों ने आपस में चर्चा की
दोनों विधायकों का पक्ष सुनने के बाद कमेटी ने करीब 1 घंटे तक आपस में चर्चा की। इस दौरान तीनों विधायकों के लिखित जवाबों को पढ़ा गया। सूत्रों के मुताबिक कमेटी इस बात पर एकमत है कि सख्त संदेश दिया जाए, लेकिन टेक्निकल पेचिदगियों पर भी चर्चा हुई। पुन्हाना विधायक मोहम्मद इलियास व हथीन विधायक मोहम्मद इजराइल के शोकॉज नोटिस का जवाब न देने पर प्राइमा-फेसिया माना गया कि उन्होंने क्रॉस वोटिंग की है।
