• कुलदीप बिश्नोई CM का भक्त कह चुके

हरियाणा में हिसार की नलवा सीट से BJP के विधायक रणधीर पनिहार ने पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल की तुलना मुख्यमंत्री नायब सैनी से की है। पनिहार ने आज हिसार में एक कार्यक्रम में कहा कि ” आज मैं हिसार की सरजमीं पर बैठा हूं।

हरियाणा के मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल भी रहे हैं, जिन्होंने हरियाणा के साथ-साथ हिसार का विकास भी किया था। उनकी राह पर चलते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री काम कर रहे हैं और ताकत प्राप्त कर रहे हैं और हरियाणा को तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ा रहे हैं”।

हरियाणा में केंद्र सरकार के 12 वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर जिलास्तर पर कार्यक्रम हो रहे हैं। इस कड़ी में हिसार में भी कार्यक्रम हुआ। इस मौके पर प्रशासनिक अधिकारी व मेयर प्रवीण पोपली मौजूद रहे।

4 साल पहले BJP में आए और 12 साल के काम गिनवाए

खास बात है कि 4 साल पहले कांग्रेस से भाजपा में आए पनिहार ने मोदी सरकार के 12 साल के काम गिनवाए। केंद्र सरकार की तारीफ करते-करते पनिहार ने कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल के कामों की भी तारीफ की।

विधायक पनिहार अगस्त 2022 में भाजपा में शामिल हुए थे। उन्होंने 2019 का विधानसभा चुनाव नलवा से कांग्रेस की टिकट पर लड़ा था। हार के बाद वह कुलदीप बिश्नोई के साथ भाजपा में शामिल हो गए थे।

 

कुलदीप ने पनिहार को सीएम का भक्त कहा था

बता दें कि करीब 11 दिन पहले हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने दिल्ली स्थित आवास पर कुलदीप बिश्नोई से मुलाकात की थी। इस दौरान नलवा विधायक रणधीर पनिहार भी मौजूद थे। इस मुलाकात का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें कुलदीप बिश्नोई, पनिहार के मुख्यमंत्री के साथ आने को लेकर तंज कसते नजर आ रहे थे।

वीडियो में कुलदीप बिश्नोई, रणधीर पनिहार की ओर इशारा करते हुए कहते हैं, “यह तो आजकल आपका पूरा भक्त हो रहा है।” यह बात सुनकर मुख्यमंत्री नायब सैनी भी मुस्कुरा देते हैं और जवाब में कहते हैं, “नहीं, ऐसा नहीं है। भक्त तो आपका ही है।”

कुलदीप की लॉबिंग पर मिला था पनिहार को टिकट

रणधीर पनिहार कुलदीप बिश्नोई के करीबियों में गिना जाता है। 2024 के विधानसभा चुनाव में रणधीर पनिहार को भाजपा का टिकट दिलाने के लिए कुलदीप बिश्नोई ने सक्रिय लॉबिंग की थी। इतना ही नहीं, उन्होंने पनिहार के समर्थन में चुनाव प्रचार भी किया था।

विधानसभा चुनाव में रणधीर पनिहार जीत हासिल करने में सफल रहे, लेकिन आदमपुर सीट से कुलदीप बिश्नोई के बेटे भव्य बिश्नोई को हार का सामना करना पड़ा। वहीं, कुलदीप बिश्नोई के भाई दुदाराम बिश्नोई भी फतेहाबाद विधानसभा सीट से चुनाव नहीं जीत सके थे।