• अंदरूनी कलह के संकेत

फतेहाबाद में इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) इन दिनों दो अलग-अलग खेमों में बंटी हुई नजर आ रही है। पार्टी के राष्ट्रीय संरक्षक प्रो. संपत सिंह और महिला प्रदेश प्रभारी सुनैना चौटाला के अलग-अलग कार्यक्रमों व दौरों ने संगठन के भीतर चल रही खींचतान को लेकर राजनीतिक चर्चाओं को हवा दे दी है।

एक दिन पहले ही शहरी प्रधान यशपाल तनेजा की नियुक्ति के बाद यह खेमेबाजी खुलकर सामने आई। यशपाल के प्रधान बनने की प्रेस रिलीज में अन्य नेताओं का आभार जताया गया, लेकिन सुनैना चौटाला का नाम तक नहीं लिखा गया। सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर प्रो.संपत सिंह ने तो यशपाल को बधाई दी, लेकिन सुनैना का कोई रिएक्शन नहीं आया।

वहीं, सुनैना चौटाला के दौरे के बाद आज (शनिवार) को फतेहाबाद शहर में प्रो.संपत सिंह कई कार्यक्रमों में भागीदारी करेंगे। उनके काठ मंडी, जाट धर्मशाला, ढाणी मसीतांवाली, सोमा सिटी, जवाहर चौक पर कार्यक्रम तय किए गए हैं।

पदाधिकारियों की निष्ठा भी अलग-अलग बंटी

दरअसल, फतेहाबाद हलके में दोनों नेता लगातार सक्रिय हैं, लेकिन उनके कार्यक्रमों में शामिल होने वाले पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का अलग-अलग समूह दिखाई देता है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि पार्टी के कई पदाधिकारी अपनी निष्ठा के अनुसार अलग-अलग खेमों में दिखाई दे रहे हैं।

कुछ नेता और कार्यकर्ता प्रो. संपत सिंह के कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाते नजर आते हैं, जबकि कुछ सुनैना चौटाला के साथ लगातार मौजूद रहते हैं। इससे संगठन के भीतर दो समानांतर शक्ति केंद्र बनने की स्थिति बनती दिखाई दे रही है।

दिलचस्प बात यह भी है कि कई पदाधिकारियों को एक खेमे में प्रमुखता मिल रही है, जबकि दूसरे खेमे के कार्यक्रमों में उनकी उपस्थिति या भूमिका सीमित नजर आती है। इससे कार्यकर्ताओं के बीच भी यह संदेश जा रहा है कि पार्टी के भीतर गुटबाजी की रेखाएं पहले की तुलना में अधिक स्पष्ट हो रही हैं।

राजनीतिक जमीन तलाश रहे प्रो. संपत सिंह

बता दें कि, प्रो.संपत सिंह पहले भट्‌टू विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके हैं। साल 1982 से 1996 तक वे भट्‌टू से विधायक रहे। भट्‌टू से विधायक चुने जाने के बाद ही वह लोकदल सरकार में गृह मंत्री, वित्त मंत्री जैसे बड़े पदों पर रहे। फिर साल 2000 में भी भट्‌टू से विधायक बने। साल 2009 में वे हिसार चले गए और फिर नलवा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़कर विधायक बने।

अब पिछले साल फिर से उन्होंने इनेलो में वापसी की है। वापसी होते ही उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय संरक्षक बनाया गया। इसके बाद से प्रो.संपत सिंह अब लगातार फतेहाबाद में अपनी पुरानी राजनीतिक जमीन फिर से तलाश रहे हैं। पुराने साथियों से मिलकर उन्हें इनेलो से जोड़ रहे हैं।

विधानसभा चुनाव लड़ चुकी सुनैना चौटाला

वहीं, सुनैना चौटाला अक्टूबर 2024 में फतेहाबाद हलके से इनेलो की टिकट पर चुनाव लड़ चुकी हैं। वह 9681 वोट लेकर तीसरे स्थान पर रही थी। सुनैना चौटाला भी पिछले दो-तीन साल से फतेहाबाद में सक्रिय तौर पर गतिविधियों में हिस्सा ले रही हैं। धरने-प्रदर्शनों से लेकर निजी कार्यक्रमों में भी भागीदारी करती हैं।