- कमेंट करना नहीं चाहता, ताऊ देवीलाल का जिक्र किया
हरियाणा के पूर्व बिजली एवं जेल मंत्री रणजीत सिंह चौटाला की अचानक सतलोक आश्रम प्रमुख रामपाल से मुलाकात सुर्खियों में बनी हुई है। खास बात है कि रणजीत सिंह स्वयं पहले हरियाणा सरकार में जेल मंत्री रहे हैं। अब जेल से बाहर आए रामपाल से मिलने उनके धनाना आश्रम में पहुंचे। इसी दौरान पूर्व मंत्री रणजीत सिंह रामपाल से कह रहे हैं कि जेल मंत्री रहते आपकी सेवा करने का मौका मिला और ये सजा कोर्ट के मामले होते हैं।
रणजीत सिंह, अपने पिता एवं देश के पूर्व उप प्रधानमंत्री ताऊ देवीलाल के नाम न लेकर जिक्र करते हुए कहा, हमारे बाबू जी भी जेल के अंदर रहे हैं। वहीं, पूर्व जेल मंत्री रणजीत सिंह ने बातचीत में जेल मंत्री रहते हुए और जेल से बाहर आए रामपाल से मुलाकात के सवाल पर बताया, 22 तारीख को संत रामपाल महाराज से मिलने गए थे। ये तो वैसे ही सामान्य मुलाकात थी। उनसे पहले भी मिला हूं।
जेल मंत्री रहते हुए भी मैं रामपाल महाराज से जेल में मिला हूं। कानून अपनी जगह है। इस पर कुछ कमेंट्स नहीं करना चाहूंगा। ऐसी बात नहीं है कि पहली बार मिला हूं। उनसे मिलना था तो उस समय वहां गए थे और उनसे मिल लिए। वहीं, इसका एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पूर्व मंत्री रणजीत रामपाल को देख हाथ जोड़े व नतमस्तक होते दिख रहे हैं।
पूर्व मंत्री रणजीत को हाथ जोड़े देख रामपाल बोले, आपका स्वागत है
पूर्व बिजली एवं जेल मंत्री रणजीत चौटाला ने सतलोक आश्रम धनाना में रामपाल से मुलाकात की है। मंत्री को हाथ जोड़े देखते ही रामपाल बोले, मंत्री जी, आपका स्वागत करते हैं। बहुत खुशी हुई आपसे मिलकर। रणजीत सिंह बोले, मुझे भी अच्छा लगा। अच्छा हुकम दिया कि मैं वहां पर आपकी सेवा कर सका। रामपाल बोले, हां सेवा किया करो।
रणजीत सिंह रामपाल से बोले, आपका स्वास्थ्य ठीक है। इस पर रामपाल बोले, बढ़िया। आपका आना बहुत अच्छा है। रणजीत आगे बोले, बहुत दिन से मन था और कई दिन से कह रहा था कि मैं आपसे मिलने आऊंगा। रामपाल बोले, बहुत बढ़ी बात की और भी मनोबल बढ़ा है हमारा। ऐसे ही सम्मानित हस्तियां यहां रहती है।
रणजीत सिंह बोले, आप अच्छे आदमी है और लोगों का कल्याण करते हैं। बढ़िया बात है। इस पर रामपाल बोले, फुल सेवा करेंगे, किसान और मजदूर की। भगवान ने अगर दे रखा है तो एकदम खुले हाथ कर रहे हां।
मेरे लायक हुकुम हो तो बताना : रणजीत
रणजीत सिंह रामपाल से बोले, मेरे लायक कोई हुकुम हो तो बताना आप। इस पर रामपाल बोले, सारी आपके लायक है। अब तो यहां आ गए तो बहुत बड़ी बात कर दी। आप ये बता दियो कि कहीं कोई किसान या गरीब दुखी हो या गरीब परिवार हो। उसकी सेवा तो हम कर देंगे।
रणजीत सिंह बोले, बहुत बढ़िया है। वहां सब जगह आपका अच्छा रेपूटेशन था। मैं जेल मंत्री था, मेरा फर्ज था तो सबसे मिलता। अब ये सजा तो कोर्ट के मामले होते हैं। उसमें अंदर है तो वो तो समय की बातें होती है। हमारे बाबू जी भी अंदर रहे। वो तो समय की बातें हैं। इस पर रामपाल बोले, उतार-चढ़ाव तो आते रहते हैं।
