- बोले- हरित तकनीक से बनेगा नया इतिहास
देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन के ऐतिहासिक शुभारंभ से पहले सोनीपत जिले के गोहाना रेलवे जंक्शन पर गुरुवार को विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। हरियाणा के सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने अपनी धर्मपत्नी डॉ. रीता शर्मा और भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ स्वयं झाड़ू लगाकर अभियान की शुरुआत की।
उन्होंने कहा कि जिस तरह किसी विशेष अतिथि के आगमन से पहले घर की साफ-सफाई की जाती है, उसी भावना के साथ देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन रूपी ‘विशिष्ट मेहमान’ के स्वागत की तैयारी की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि यह ट्रेन गोहाना को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि विश्व मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगी और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की बड़ी उपलब्धि साबित होगी।
गोहाना रेलवे जंक्शन पर आयोजित स्वच्छता अभियान में मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने स्वयं झाड़ू लगाकर रेलवे परिसर की सफाई की। इस दौरान उनकी पत्नी डॉ. रीता शर्मा, नगर परिषद के अधिकारी, भाजपा पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भी श्रमदान में शामिल हुए। मंत्री ने कहा कि स्वच्छ वातावरण में ही ऐतिहासिक क्षणों का स्वागत किया जाना चाहिए।
‘मेहमान’ के स्वागत जैसी तैयारी
डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि भारतीय संस्कृति में अतिथि देवो भवः की परंपरा रही है। जब घर में कोई विशेष मेहमान आने वाला होता है तो पूरा परिवार मिलकर घर को सजाता और साफ करता है। ठीक उसी प्रकार 17 जुलाई को पहली बार गोहाना पहुंचने वाली देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन के स्वागत में रेलवे स्टेशन पर विशेष सफाई अभियान चलाया गया है।
उन्होंने बताया कि गोहाना स्टेशन पर ट्रेन का स्वागत उनकी पत्नी डॉ. रीता शर्मा की अगुवाई में किया जाएगा और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भी मौजूद रहेंगे।
गोहाना को मिलेगी नई पहचान
मंत्री ने कहा कि हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन गोहाना के लिए ऐतिहासिक अवसर है। इससे गोहाना देश ही नहीं, बल्कि विश्व स्तर पर भी अपनी अलग पहचान बनाएगा। उन्होंने बताया कि ट्रेन गोहाना से सोनीपत तक करीब 89 किलोमीटर का सफर तय करेगी। इस रूट पर 13 स्टेशन होंगे और लगभग दो घंटे में यात्रा पूरी होगी।
इको फ्रेंडली तकनीक, कम किराया
डॉ. शर्मा ने बताया कि हाइड्रोजन ट्रेन पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल होगी। उन्होंने कहा कि इसका शुरुआती किराया मात्र 5 रुपये से शुरू होगा, जबकि सोनीपत से जींद तक का सफर लगभग 25 रुपये में किया जा सकेगा। ट्रेन एक बार में करीब 600 यात्रियों को ले जाने में सक्षम होगी और इसमें 1200 हॉर्स पावर का इंजन लगाया गया है।
उन्होंने बताया कि जींद में 400 किलोग्राम क्षमता का हाइड्रोजन प्लांट स्थापित किया गया है, जबकि ट्रेन की फ्यूल क्षमता 300 किलोग्राम है। पूरी तकनीक स्वदेशी है और ‘मेक इन इंडिया’ की सोच का उदाहरण है।
प्रधानमंत्री दिखाएंगे हरी झंडी
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जुलाई को देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। उन्होंने बताया कि ट्रेन के दो फेरे संचालित किए जाएंगे। साथ ही प्रधानमंत्री की रैली में आने वाले वाहनों को भी पर्यावरण के अनुकूल रखने का प्रयास किया गया है और अधिकतम इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग पर जोर दिया गया है।
विपक्ष पर साधा निशाना
डॉ. अरविंद शर्मा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष आधुनिक तकनीक और विकसित भारत की अवधारणा को समझने में विफल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत हरित ऊर्जा, आधुनिक तकनीक, मेक इन इंडिया और स्टार्टअप इंडिया जैसे अभियानों के माध्यम से नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
वर्ष 2047 तक विकसित भारत का संकल्प इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है।
