- बूथ नेटवर्क और संगठन की होगी समीक्षा
हरियाणा कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव की तैयारियों और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने के लिए बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। पार्टी के हरियाणा प्रभारी संजय दत्त ने 18 से 25 जुलाई तक का पांच दिवसीय जिला दौरा कार्यक्रम जारी किया है।
इस दौरान वे प्रदेश के पांच जिलों में पहुंचकर जिला कार्यकारिणी, विधानसभा क्षेत्र के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ अलग-अलग बैठकें करेंगे। इन बैठकों में संगठन की स्थिति, बूथ नेटवर्क और SIR अभियान की भी समीक्षा होगी।
पार्टी के कार्यक्रम के अनुसार, अधिकांश महत्वपूर्ण बैठकों में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह भी मौजूद रहेंगे। माना जा रहा है कि लगातार चुनावी हार और संगठनात्मक बदलावों के बीच कांग्रेस अब कार्यकर्ताओं से सीधा फीडबैक लेकर जिला और विधानसभा स्तर पर नई रणनीति तैयार करेगी।
पंचकूला से होगी अभियान की शुरुआत
संजय दत्त 18 जुलाई को मुंबई से चंडीगढ़ पहुंचेंगे। 19 जुलाई को पंचकूला के सेक्टर-15 स्थित बिश्नोई धर्मशाला में पंचकूला और कालका विधानसभा के नेताओं व कार्यकर्ताओं से अलग-अलग बैठक करेंगे। इसके बाद जिला कार्यकारिणी के साथ संगठनात्मक समीक्षा बैठक होगी। इसी दिन वे यमुनानगर पहुंचकर वहां भी जिला कार्यकारिणी और यमुनानगर विधानसभा के नेताओं से संवाद करेंगे।
अंबाला-कुरुक्षेत्र में भी अलग-अलग विधानसभा बैठकें
20 जुलाई को अंबाला शहर, अंबाला छावनी और नारायणगढ़ विधानसभा क्षेत्रों के नेताओं से बैठक होगी। 21 जुलाई को शाहाबाद, थानेसर और गुहला विधानसभा क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं से संवाद किया जाएगा। 22 जुलाई को पिहोवा और लाडवा के नेताओं से मिलने के बाद करनाल के लिए रवाना होंगे।
करनाल में चार विधानसभा क्षेत्रों पर फोकस
22 और 23 जुलाई को करनाल में ग्रामीण और शहरी जिला कांग्रेस कार्यकारिणी की बैठकें होंगी। इसके साथ घरौंडा, इंद्री, नीलोखेड़ी, करनाल और असंध विधानसभा क्षेत्रों के नेताओं व कार्यकर्ताओं के साथ अलग-अलग बैठकें आयोजित की जाएंगी।
दिल्ली में दो दिन संगठनात्मक मंथन
23 जुलाई की शाम संजय दत्त दिल्ली लौटेंगे। 24 और 25 जुलाई को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) कार्यालय में संगठनात्मक बैठकों में हिस्सा लेंगे। इसके बाद 25 जुलाई की रात मुंबई के लिए रवाना होंगे।
संगठन में बदलाव के संकेत
प्रदेश कांग्रेस में लंबे समय से जिला और ब्लॉक स्तर पर संगठनात्मक बदलाव की चर्चा चल रही है। ऐसे में संजय दत्त का यह दौरा केवल समीक्षा तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे संगठन में संभावित फेरबदल और चुनावी तैयारियों की शुरुआत के रूप में भी देखा जा रहा है। पार्टी नेतृत्व कार्यकर्ताओं से सीधे सुझाव लेकर जिला स्तर पर नई जिम्मेदारियां तय कर सकता है।
