• पर्सनल काम के लिए नहीं

सिरसा जिले के ऐलनाबाद से कांग्रेस विधायक भरत सिंह बेनीवाल ने इनेलो और विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों पर खुलकर प्रतिक्रिया दी है। भरत सिंह बेनीवाल कटाक्ष करते हुए बोले कि अभय चौटाला खुद 2 साल हलकों में आए हैं और मुझपर आरोप लगाए जा रहे हैं। ये झूठा प्रचार किया जा रहा है कि मैं विधानसभा में नहीं बोलता और हलके में काम नहीं हो रहे।

विधायक भरत सिंह बेनीवाल ने दैनिक भास्कर ऐप की टीम से खास बातचीत में बताया कि हलके की हर समस्याएं विधानसभा में उठाई जा रही हैं। मैंने लोगों एवं हलके के विकास के लिए हाथ जोड़े हैं, न कि उनकी तरह पर्सनल काम करवाने के लिए हाथ जोड़े हैं। जो मुझ पर आरोप लगा रहा है, वह खुद 4 बार का विधायक है और उसने विधानसभा में बदतमीजी और तू-तड़ाक की और वह हलके का विकास तक नहीं करवा पाया।

 

सवाल : आप लंबे समय से एक्टिव नहीं दिख रहे? जवाब : ये अभय चौटाला ही झूठा प्रचार कर रहे है। मैं गांव में जाता हूं और गांवों में समस्या सुनता हूं। वर्करों और हलके में लोगों के सुख-दुख में शामिल होने के लिए जाता हूं। जो (अभय सिंह चौटाला) खुद 2 साल बाद हलके में आए है तो मुझ पर आरोप लगा रहे हैं।

सवाल : बोलने की काफी दिक्कत रहती है, क्या वजह है?

जवाब : उम्र के लिहाज से दिक्कत है। आवाज शुरू से तेज है और अब गले में कुछ दिनों से हल्का इंफेक्शन के चलते दिक्कत हुई है। चंडीगढ़ से भी चेकअप करवाकर इलाज कराया है। अभी स्पीच थैरेपी चल रही है और कुछ दिन तक चलनी है। करीब 15 से 20 दिन स्पीच थैरेपी होनी है। पहले से गले में सुधार है। जल्द सार्वजनिक मंच पर संबोधन करते नजर आऊंगा।

सवाल : राज्यसभा चुनाव के दौरान भी आपके वोट पर सवाल उठे थे और बाद में खुद नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा ने कहा था कि इन्हें मेडिकल दिक्कत है, हाथ हिल रहे थे?

जवाब : वोट डालकर हमने दिखाया था। पार्टी कमेटी को दिखाने के बाद मत पेटी में डाला। 4 घंटे बाद बीजेपी ने ऑब्जेक्शन उठाया था और बाद में माना कि वेलिड वोट था। बीजेपी ने उसे कैंसिल करवाने के लिए ये प्रोपगेंडा रचा था।

सवाल : अभय सिंह चौटाला भी आप पर सवाल उठा चुके हैं कि आप विधानसभा में बोलते नहीं और हलके की आवाज असेंबली में नहीं उठाते?

जवाब : अभय सिंह चौटाला 4 बार के एमएलए रहे। पर्सनल रंजिश निकालने के लिए बदतमीजी, तू-तड़ाक करने के अलावा विधानसभा में ऐलनाबाद के विकास के लिए आवाज नहीं उठाई और न ही ऐलनाबाद का विकास करवाया।

मैंने ऐलनाबाद से जुड़े मुख्य मुद्दे, सारी समस्याएं विधानसभा में बोलकर या लिखकर विधानसभा में रखी हैं। रही बात हाथ जोड़ने की, वो ऐलनाबाद के विकास के लिए और लोगों के लिए जोड़े हैं, न कि अपने लिए। तुम्हारी (अभय सिंह) तरह पर्सनल काम करवाने के लिए नहीं जोड़े।

 

ऐलनाबाद हॉट सीट, उपचुनाव में रही सबकी नजरें

बता दें कि ऐलनाबाद विधानसभा सीट सिरसा की नहीं, हरियाणा की हॉट सीट है। इनेलो सुप्रीमो अभय सिंह चौटाला ने किसान आंदोलन के दौरान किसानों की मांग पर इस्तीफा दे दिया था और बाद में उपचुनाव लड़ा। गत विधानसभा चुनाव 2024 में कांग्रेस के उम्मीदवार भरत सिंह बेनीवाल ने अभय चौटाला को करारी शिकस्त दी थी।

पहले यह दड़बां हलका होता था और उसी में ऐलनाबाद आता था। साल 2005 में कांग्रेस की टिकट पर भरत सिंह बेनीवाल विधायक बने थे। परिसीमन के बाद दड़बां से ऐलनाबाद हलका बना दिया गया।

चौटाला परिवार का रहा दबादबा, ओपी चौटाला रहे विधायक

इस सीट पर हमेशा से चौटाला परिवार का दबदबा रहा। इनेलो सुप्रीमो अभय सिंह चौटाला खुद ऐलनाबाद से 3 बार के लगातार विधायक चुने गए थे। इससे पहले हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला भी ऐलनाबाद से विधायक रहे हैं। उन्होंने साल 1970 में ऐलनाबाद से उप चुनाव में जीत दर्ज की थी।

पार्टी के 2 प्रदर्शन में सार्वजनिक मंच पर दिखे थे

पिछले दिनों कांग्रेस पार्टी के वोट चोर गद्दी छोड़ नारे और महंगाई को लेकर प्रदर्शन के दौरान सिरसा में सांसद कुमारी सैलजा और सभी विधायकों के साथ नजर दिखे और मंच पर संबोधन किया था। उस समय भी गले में दिक्कत थी। विधानसभा चुनाव में पहले रैली या कार्यक्रमों में बागड़ी भाषा में बोलना और सियासी कटाक्ष के बोल से काफी चर्चा में रहे।

इस बार विधानसभा सत्र में हलके के गांव में पीने की पानी की समस्या और टेल तक पानी पहुंचाने के लिए उचित प्रबंध करने की मांग उठाई थी। जिस पर सरकार ने 2 गांवों के लिए जलघर बनाने का काम शुरू करवाया।