•  14 लाख से अधिक बीपीएल परिवारों के राशन कार्ड काटने के बाद अब 39.89 लाख परिवारों पर आय जांच की तलवार, सरकार बताए गरीबों को मिलने वाला 2 लीटर सरसों तेल क्यों किया बंद : रणदीप सुरजेवाला
  • कांग्रेस महासचिव एवं सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने बोला मुख्यमंत्री नायब सैनी पर जोरदार हमला

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने हरियाणा की भाजपा सरकार पर गरीब और जरूरतमंद परिवारों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाते हुए कहा कि झूठ, फरेब, धोखा और गरीबों से नफरत ही भाजपा सरकार की पहचान बन गई है। सुरजेवाला ने कहा कि हरियाणा में पहले ही बड़ी संख्या में गरीब परिवारों को बीपीएल श्रेणी से बाहर करने का खेल चल रहा है। अब सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत बीपीएल परिवारों को मिलने वाला 2 लीटर सरसों का तेल भी बंद कर दिया गया है। यह फैसला सीधे तौर पर गरीब परिवारों की रसोई और उनके घरेलू बजट पर हमला है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों से गरीब परिवार पहले ही महंगाई की मार झेल रहे हैं। ऐसे समय में राशन कार्ड के माध्यम से मिलने वाली रियायती खाद्य सामग्री और सुविधाओं को कम करना गरीब परिवारों की मुश्किलें और बढ़ा देगा।

बीपीएल परिवारों को मिलने वाला 2 लीटर सरसों तेल ₹40 से बढ़ाकर ₹100 किया गया

सुरजेवाला ने कहा कि करनाल जिले में ही 2,54,117 राशन कार्डों से जुड़े करीब 9,73,119 लोगों के सामने रसोई के तेल का संकट खड़ा हो गया है। बाक़ी हरियाणा का भी यही हाल है। जब बाजार में खाद्य तेल महंगा है, तब सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले सरसों तेल को बंद करने का निर्णय गरीब परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे पहले भी बीपीएल परिवारों को मिलने वाला 2 लीटर सरसों तेल ₹40 से बढ़ाकर ₹100 किया गया और अब इसके वितरण को ही बंद कर दिया गया है।

सरकार तत्काल स्पष्ट करे कि 2 लीटर सरसों तेल का वितरण क्यों रोका गया

उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार गरीब परिवारों को राहत देने का दावा करती है, तो फिर उनकी रसोई से मिलने वाली इस बुनियादी सुविधा को क्यों छीना जा रहा है? सुरजेवाला ने कहा कि प्रदेश में 14 लाख से अधिक बीपीएल परिवारों के राशन कार्ड काटे जाने और मौजूदा करीब 39.89 लाख बीपीएल परिवारों की ग्राम सभाओं में आय जांच के नाम पर उनकी पात्रता पर सवाल खड़े किए जाने से गरीब परिवारों में असुरक्षा का माहौल है। उन्होंने भाजपा सरकार से सवाल किया कि गरीब परिवारों को राशन और आवश्यक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी से सरकार पीछे क्यों हट रही है? उन्होंने मांग की कि सरकार तत्काल स्पष्ट करे कि 2 लीटर सरसों तेल का वितरण क्यों रोका गया और इसे दोबारा कब शुरू किया जाएगा। सुरजेवाला ने कहा कि हरियाणा का गरीब परिवार पहले ही बेरोजगारी, महंगाई और बढ़ते घरेलू खर्च की मार झेल रहा है। ऐसे में सरकार को गरीबों की मदद करनी चाहिए, न कि उनके राशन और रसोई से जुड़ी सुविधाओं में कटौती करनी चाहिए। उन्होंने कहा, “भाजपा सरकार गरीब परिवारों की थाली और रसोई पर चोट करना बंद करे। बीपीएल परिवारों को मिलने वाला सरसों तेल तत्काल बहाल किया जाए और जिन गरीब परिवारों के राशन कार्ड काटे गए हैं, उनकी पात्रता की निष्पक्ष समीक्षा की जाए।” सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस गरीब, किसान, मजदूर और वंचित वर्ग के अधिकारों की आवाज उठाती रहेगी और सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से आवाज बुलंद करती रहेगी।