अम्बाला छावनी सिविल अस्पताल विस्तार हेतु सैन्य भूमि लेने के लिए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से मिला सकारात्मक आश्वासन : ऊर्जा मंत्री अनिल विज
हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने अम्बाला छावनी सिविल अस्पताल की एक्सटेंशन को लेकर रक्षामंत्री श्री राजनाथ सिंह से मुलाकात करते हुए चर्चा की। इसी संबंध में आज पत्रकारों से बातचीत करते हुए ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से मिलकर उन्होंने अम्बाला छावनी सिविल अस्पताल के विस्तार के लिए साथ लगती सैन्य भूमि लेने की बात की है। उन्होंने बताया जब अम्बाला छावनी बसी थी उस समय यहां जनसंख्या लगभग 30-40 हजार थी और उसी हिसाब से उन्होंने अस्पताल की जगह छोड़ी थी, अब जनसंख्या लगभग तीन-चार लाख हो चुकी है जिस वजह से अस्पताल की जगह कम पड़ रही है। अब हम आगे सिविल अस्पताल की एक्सटेंशन करना चाहते हैं, कुछ प्रोजेक्ट हमारे पास भी हुए जैसे पूर्व सीएम मनोहरलाल जी ने कैंसर अस्पताल के तीमारदारों के लिए धर्मशाला बनाने के लिए 10 करोड़ रुपए दिए थे, ऐसे ही स्पाइन इंजरी सेंटर जोकि सारे हरियाणा में कही नहीं वो भी अम्बाला छावनी के लिए मंजूर हुआ है। मगर इसे लिए जगह नहीं है और इसके चारों ओर जब अम्बाला सदर बना वो छावनी बोर्ड से काटकर 5 फरवरी 1977 में बना था। बाकि जगह छावनी बोर्ड व सेना की है। अगर सिविल अस्पताल की एक्सटेंशन करें तो सिर्फ सैन्य भूमि की बचती है जिसकी आवश्यकता है। सैन्य भूमि लेने की प्रक्रिया है और यह आसान काम नहीं, लंबी प्रक्रिया है। इस संबंध में कल राजनाथ सिंह जी से मुलाकात हुई और उन्होंने सकारात्मक आश्वासन दिया है, पहले भी हमने केस बनाकर मूव किया है। उन्होंने कहा कि वह अधिकारियों से कहेंगे कि पूरे दस्तावेजों के साथ सैन्य भूमि लेने की जो शर्ते होती है उनके साथ पत्राचार किया जाए। उन्हें विश्वास है कि आने वाले समय में इस अस्पताल का विस्तार होना बहुत जरूरी है।
नॉन इश्यू पर बेवजह बवाल मचा रहा पिटा हुआ विपक्ष, अगर मतदाता सूची गलत है, तो चुनाव आयोग की सूची से जीतने वाले ये नेता अपना त्यागपत्र दें : मंत्री अनिल विज
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश्वर कुमार इस्तीफे की मांग पर ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि विपक्ष बेवजह नॉन इश्यू को इश्यू बना रहा है क्योंकि विपक्ष पिट चुका है। उन्होंने कहा आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की विकास और काम करने वाले राजनीति ने इन्हें पछाड़ दिया है क्योंकि इनकी राजनीति झूठे नारे, वायदों, घोषाणाओं की थी। अब ये मतदाता सूचियों को लेकर बवाल मचा रहे हैं, उसी मतदाता सूची से हम जीते तो हम गलत हैं, उसी मतदाता सूची से राहुल गांधी व मेनका गांधी जीती तो वह ठीक है, मतदाता सूचियां गलत है। उन्होंने कहा यदि मतदाता सूची गलत है तो विरोध कर रहे इन नेताओं को त्यागपत्र देना चाहिए जो ज्ञानेश्वार कुमार व चुनाव आयोग की बनाई मतदाता सूचियों पर जीते हैं और कह रहे हैं कि सूचियां गलत हैं तो उदाहरण पेश करो। उन्होंने तंज करते हुए कहा कि इन मतदाता सूचियों पर विपक्षी चुनाव जीते भी है और शोर भी मचा रहे हैं।
