- रोहतक में कैप्टन अभिमन्यु ने विपक्ष पर साधा निशाना
हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : रोहतक में हरियाणा के पूर्व वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विदेशी ताकतों की शह पर कुछ अराजक तत्व देश में माहौल बिगाड़ने और लोकतंत्र को चुनौती देने की कोशिश कर रहे हैं।
कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि देश में माओवादी आंदोलन वन क्षेत्रों से समाप्त हो चुका है, लेकिन कुछ लोग वैचारिक रूप से नक्सली सोच को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे लोग लोकतंत्र में विश्वास नहीं रखते और बांग्लादेश, नेपाल, श्रीलंका व सीरिया के उदाहरण देकर देश में षड्यंत्र रचने की बात कर रहे हैं।
उन्होंने SIR प्रक्रिया, मतदाता सूची और विपक्ष के आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी। कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि किसी को चुनाव आयोग से शिकायत है तो वह अदालत जा सकता है, लेकिन लोकतांत्रिक व्यवस्था को चुनौती देना संविधान के खिलाफ है।
लोकतंत्र को चुनौती देने वालों को जनता जवाब देगी
कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि संविधान निर्माताओं ने हर 5 साल में जनता को अपनी सरकार चुनने का अधिकार दिया है। इसके बावजूद कुछ हताश और निराश तत्व तख्तापलट की बात कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे लोग सड़कों पर गुंडई करने का प्रयास कर रहे हैं। लोकतंत्र को चुनौती देने वालों को देश की जनता जवाब देगी।
13 करोड़ वोट कटने की बात पर मांगे 13 हजार नाम
कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि देश में अब तक 12 बार SIR हो चुका है, जिनमें से 10 बार कांग्रेस के शासन में हुआ। उन्होंने दावा किया कि सभी दलों ने इस प्रक्रिया में सहयोग किया है और कांग्रेस के बूथ लेवल एजेंट (BLA) भी हर बूथ पर शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस 13 करोड़ वोट कटने का आरोप लगा रही है, लेकिन उसे 13 हजार ऐसे लोगों के नाम बताने चाहिए जिनके वोट गलत तरीके से काटे गए हों। राहुल गांधी को भी इस मुद्दे पर बहकाया जा रहा है। कांग्रेस अपने BLA से ही इसकी जानकारी ले सकती है।
विदेशी नागरिकों को वोट देने का अधिकार नहीं
कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री प्रमाणिक तरीके से अपनी बात रख रहे हैं। भारत का नागरिक नहीं होने पर किसी व्यक्ति को यहां मतदान का अधिकार नहीं है। कोई विदेशी भारत आकर वोट देने की कोशिश करे तो यह असंवैधानिक है। उन्होंने कहा कि गैरकानूनी तरीके से देश में आने वाले विदेशी नागरिकों को उनके देश वापस भेजना भी सरकार की जिम्मेदारी है।
चुनाव आयोग में सुनवाई नहीं तो कोर्ट जाए विपक्ष
उन्होंने विपक्ष को सलाह दी कि देश में संविधान, कानून और कोर्ट हैं। चुनाव आयोग में सुनवाई नहीं होने पर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जा सकता है।
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में चुनाव आयोग से चुनाव की तारीख घोषित कराने को कहा गया था। साथ ही दावा किया कि अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार एक वोट से गिरने के बाद 5 महीने तक चुनाव नहीं होने दिए गए थे।
कांग्रेस पर संविधान और वोट चोरी करने का आरोप
कैप्टन अभिमन्यु ने कांग्रेस पर संविधान और वोट चोरी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अनुच्छेद 356 का इस्तेमाल कर 90 सरकारों को बर्खास्त किया था। उनके अनुसार, कांग्रेस को संविधान और कानून की प्रक्रिया पर विश्वास नहीं है और वह झूठ फैलाने का प्रयास कर रही है।
