फरीदाबाद में आयोजित एक धरने में पूर्व सांसद और इन दिनों राज्य भर में सद्भाव यात्रा कर रहे बृजेंद्र सिंह भी शामिल हुए। जहां उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि ये जो मनरेगा है उसका कत्ल हो रहा है। अब जो मनरेगा के साथ किया गया है वो मनरेगा की रूह उससे निकाल ली। उसकी आत्मा उससे निकाल ली। अधिकार खत्म कर दिया। अब केंद्र निर्धारित करेगा कि किस प्रदेश में कितने लोगों को यह रोजगार दिया जाएगा। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम यानी मनरेगा के नए स्वरूप बीबी जी राम जी विधेयक को लेकर कांग्रेस सड़कों पर है। रविवार को हरियाणा में पार्टी की ओर से 20 साल पुराने कानून को बचाने के लिए प्रदेशव्यापी सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया गया।

मोदी सरकार असल में मनरेगा कानून का कत्ल करना चाह रही है

नौकरशाह से नेता बने बृजेंद्र ने कहा कि विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार तथा आजीविका मिशन कानून लाकर मोदी सरकार असल में मनरेगा कानून का कत्ल करना चाह रही है ताकि मजदूरों और गरीबों को जो काम करने का अधिकार मिला है वो खत्म किया जा सके। मियां जी ये जो मनरेगा है उसका कत्ल हो रहा है। वह एक अधिकार था जो समाज का जो सबसे पिछड़ा और गरीब वर्ग है उसको दिया गया था ताकि कोई भी व्यक्ति जो अपने हाथ से काम करना चाहे अनस्किल्ड वर्क
उसको यदि वो मांग करे तो उसको सरकार बाध्य थी। 100 दिन एक साल में कम से कम रोजगार प्रदान करने के लिए और उसमें 90 प्रतशित फंडिंग जो थी, वो केंद्र की थी और मात्र 10 प्रतिशत थी। स्टेट्स की अब जो मनरेगा के साथ किया गया है वो वो मनरेगा की रूह उससे निकाल ली। उसकी आत्मा उससे निकाल ली, अधिकार खत्म कर दिया।