• वॉकआउट नहीं 5 प्वाइंट्स पर फोकस, दिल्ली में मंथन कल

हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र की तारीख घोषित होते ही कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ रणनीतिक आक्रमण का ऐलान कर दिया है। इस बार सदन में हंगामे या वॉकआउट की जगह कांग्रेस फैक्ट्स, आंकड़ों और सरकारी दस्तावेजों के सहारे सरकार को घेरने की तैयारी में है। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने शुक्रवार दोपहर 12 बजे दिल्ली स्थित कांग्रेस भवन में विधायक दल की अहम बैठक बुलाई है।

बैठक में प्रदेशाध्यक्ष समेत सभी कांग्रेस विधायक शामिल होंगे। इसमें 20 फरवरी से शुरू होकर 27 फरवरी तक प्रस्तावित बजट सत्र के दौरान अपनाई जाने वाली विस्तृत रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा।

नीतिगत फैसलों को सदन में उठाएंगे

कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, इस बार पार्टी का फोकस भावनात्मक आरोपों से ज्यादा नीतिगत विफलताओं और जमीनी हकीकत पर रहेगा। किसानों की आय, बेरोजगारी के आंकड़े, कानून व्यवस्था की स्थिति और सरकारी विभागों में भारी स्टाफ की कमी जैसे मुद्दों पर सरकार से सीधे जवाब मांगे जाएंगे।

हुड्डा पहले ही आरोप लगा चुके हैं कि सरकार की प्री-बजट बैठकों में जनप्रतिनिधियों और आम जनता की राय को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया। कांग्रेस इस मुद्दे को भी सदन में उठाएगी। इसके अलावा यूरिया बैग का वजन घटाने, फसल मुआवजे में देरी, स्कूलों-अस्पतालों और पुलिस विभाग में मैनपावर संकट तथा महिलाओं को 2100 रुपए मासिक सहायता के वादे को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा करने की तैयारी है।

ये मुद्दे सदन में उठाएगी कांग्रेस

किसान मुद्दे: सरकार से सीधे सवाल कांग्रेस करेगी। यूरिया बैग का वजन घटाने से किसानों पर अतिरिक्त बोझ, फसल खराबे के मुआवजे में महीनों की देरी, MSP पर खरीदी और भुगतान में अनियमितता, प्री-बजट बैठकों में किसान संगठनों की अनदेखी जैसे मुद्दे कांग्रेस सदन में उठाएगी। कांग्रेस दावा करेगी कि किसानों से जुड़े फैसले बिना जमीनी फीडबैक के लिए जा रहे हैं।

बेरोजगारी: हरियाणा में युवाओं के लिए स्थायी नौकरियों की कमी, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और परीक्षा परिणाम लंबित, कौशल विकास योजनाओं का सीमित असर जैसे मुद्दे सदन में रखेगी। ये सवाल उठाएगी कि सरकार के रोजगार आंकड़े जमीन पर क्यों नहीं दिख रहे।

कानून व्यवस्था: अपराध के मामलों में लगातार बढ़ोतरी, पुलिस विभाग में भारी स्टाफ की कमी, ग्रामीण और शहरी इलाकों में सुरक्षा को लेकर असंतोष को लेकर कांग्रेस सदन में उतरेगी। कांग्रेस के विधायक कमजोर मैनपावर के भरोसे कानून व्यवस्था नहीं चलने का आरोप लगाएगी।

स्कूल–अस्पताल: सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के पद खाली, अस्पतालों में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की कमी, स्वास्थ्य और शिक्षा बजट के बावजूद सेवाओं की हालत जस की तस बनी हुई है। विभागीय आंकड़ों के साथ सरकार को कांग्रेस घेरने की रणनीति बना रही है।

महिलाओं का मुद्दा: महिलाओं को 2100 रुपए मासिक सहायता अब तक लागू नहीं, बजट और समय सीमा को लेकर सरकार की चुप्पी, चुनावी वादे बनाम क्रियान्वयन पर सवाल कांग्रेस उठाएगी। कांग्रेस ये दावा करेगी कि घोषणा काफी नहीं, अमल की तारीख बतानी होगी।