- 2100 देने का वादा जुमला बना
सोनीपत में कांग्रेस नेता सुरेंद्र सिंह दहिया के आवास पर कांग्रेस नेता प्रतिपक्ष, पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा पहुंचे और आवास पर उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि कांग्रेस आने वाले बजट सत्र और नगर निगम चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की पैनी नजर सरकार द्वारा पेश किए जाने वाले बजट पर टिकी हुई है। आशंका है कि भाजपा सरकार इस बजट में हरियाणा पर कर्ज का बोझ और बढ़ा सकती है। हुड्डा ने आरोप लगाया कि भाजपा शासन में प्रदेश की आर्थिक स्थिति लगातार खराब हुई है और राज्य को गंभीर वित्तीय संकट की ओर धकेला गया है।
भाजपा शासन में तेजी से बढ़ा हरियाणा का कर्ज
सोनीपत में मीडिया से बातचीत में हुड्डा ने कहा कि हरियाणा के गठन से लेकर साल 2014 तक राज्य पर कुल कर्ज लगभग 60 हजार करोड़ था, जो भाजपा सरकार के कार्यकाल में बढ़कर करीब 5.25 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि सरकार बिना भविष्य की चिंता किए खर्च कर रही है और चार्वाक की नीति पर चलते हुए आने वाली पीढ़ियों पर कर्ज का भारी बोझ डाल रही है।
महिलाओं को 2100 रुपए देने का वादा साबित हुआ जुमला
हुड्डा ने भाजपा के चुनावी वादों पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव के दौरान सभी महिलाओं को 2100 रुपए मासिक देने का वादा किया गया था, लेकिन अब यह योजना सिमटकर कुछ लाख महिलाओं तक ही सीमित कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2024-25 में हरियाणा में 2.13 करोड़ लोग बीपीएल श्रेणी में थे, जिसके अनुसार लगभग 85 लाख महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलना चाहिए था, जबकि सरकार केवल 8 लाख महिलाओं को राशि देने की बात कर रही है।
योजना में शर्तें लगाकर महिलाओं को बाहर किया जा रहा
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अब सरकार 2100 की जगह केवल 1100 रुपए देने और 1000 रुपए जमा कराने की बात कर रही है। साथ ही आय सीमा, बच्चों की शिक्षा और कुपोषण जैसी शर्तें जोड़ दी गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर ऐसी शर्तें लगा रही है, ताकि अधिकांश महिलाएं स्वतः ही लाभार्थी सूची से बाहर हो जाएं।
पीपी के नाम पर कट रहे बीपीएल कार्ड और पेंशन
हुड्डा ने कहा कि परिवार पहचान पत्र के नाम पर लगातार बीपीएल कार्ड और बुजुर्गों की पेंशन काटी जा रही है। उन्होंने बताया कि संसद के शीतकालीन सत्र में पूछे गए सवाल के जवाब में केंद्र सरकार ने बताया कि पूरे देश में 41 लाख से ज्यादा राशन कार्ड काटे गए, जिनमें हरियाणा सरकार ने 13 लाख से अधिक कार्ड काटकर देश में शीर्ष स्थान हासिल किया है।
