- AAP प्रदेशाध्यक्ष का अरबों के घोटाले का आरोप, बोले-आपदा को अवसर बना रही भाजपा
हरियाणा में पीएनजी (PNG) पाइपलाइन बिछाने वाली कंपनियों के लिए लीज रेट में की गई भारी कटौती को लेकर राजनीति गरमा गई है। आम आदमी पार्टी के हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुशील गुप्ता ने पानीपत में प्रेस कांफ्रेंस कर सैनी सरकार के इस फैसले को अरबों रुपए का रियायत घोटाला करार देते हुए इसकी कड़ी निंदा की है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आपदा को अवसर बनाकर निजी कंपनियों की तिजोरी भर रही है।
3 लाख से घटाकर सीधे ₹1 हजार
डॉ. सुशील गुप्ता ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि सरकार ने पहले से निर्धारित ₹3 लाख प्रति किमी प्रति वर्ष के लीज रेट को घटाकर मात्र ₹1 हजार एकमुश्त करने की घोषणा की है। उन्होंने इसे 99% से भी अधिक की कटौती बताते हुए कहा कि इस फैसले से प्रदेश के सरकारी राजस्व को हर साल अरबों रुपए का नुकसान होगा।
अडानी गैस और IGL को फायदा पहुंचाने का आरोप
AAP प्रदेश अध्यक्ष ने तीखे सवाल दागते हुए पूछा कि आखिर कौड़ियों के भाव सरकारी जमीन देकर किसके चहेतों को फायदा पहुंचाया जा रहा है? उन्होंने सीधे तौर पर निशाना साधते हुए कहा कि इस रियायत का सबसे बड़ा लाभ विशेष निजी कंपनियों (अडानी गैस और आईजीएल) को मिलेगा, जबकि प्रदेश की जनता को इससे कोई सीधा फायदा नहीं होने वाला।
सरकार से पूछे तीखे सवाल
जो प्रोजेक्ट राज्य को हर साल करोड़ों का स्थायी राजस्व दे सकता था, उसे मामूली शुल्क में क्यों समेटा गया।
क्या इस भारी छूट के बाद आम जनता के लिए PNG के दाम कम होंगे।
यदि जनता को सस्ता ईंधन नहीं मिल रहा, तो यह रियायत केवल खास कंपनियों के मुनाफे के लिए क्यों।
क्या यह सबका साथ-सबका विकास है या चहेतों का साथ और जनता का विनाश।
श्वेत पत्र जारी करने की मांग
डॉ. सुशील गुप्ता ने हरियाणा सरकार से मांग की है कि इस फैसले से होने वाली संभावित राजस्व हानि का पूरा डेटा सार्वजनिक किया जाए और सरकार इस पर श्वेत पत्र जारी करे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने यह फैसला वापस नहीं लिया और इसकी उच्च स्तरीय जांच नहीं कराई, तो आम आदमी पार्टी सड़कों पर उतरकर जनता के हक की लड़ाई लड़ेगी।
पुराने टेलीकॉम मामले की याद दिलाई
सुशील गुप्ता ने कहा कि कुछ साल पहले इसी तरह का फैसला टेलीकॉम कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए लिया गया था, जिससे हरियाणा के खजाने को भारी नुकसान हुआ था। आप नेताओं का कहना है कि सरकार बार-बार निजी घरानों के लिए जनता के पैसे की बलि दे रही है।
