• BJP सांसद से कहा-अभद्र टिप्पणी नहीं कर सकतीं, कांग्रेस MLA ने कराए हैं 2 केस

BJP राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल पर टिप्पणी करने के मामले में आज गुरुवार को पंचकूला कोर्ट में सुनवाई हुई। हालांकि रेखा शर्मा खुद कोर्ट में पेश नहीं हुई, उनकी ओर से एडवोकेट रवीश कौशिक ने उनका पक्ष रखा। रवीश हरियाणा सरकार के एडिशन एडवोकेट जनरल भी है।

विधायक चंद्रमोहन के वकील दीपांशु बंसल ने बताया कि कोर्ट ने आदेश देते हुए कहा- केस चलने तक MP रेखा शर्मा, चंद्रमोहन और पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल पर किसी तरह का कोई अभद्र बयान नहीं दे सकती।

न्यायधीश अरुणिमा चौहान की कोर्ट ने मानहानि मामले में 7 अगस्त को अगली सुनवाई रखी है, जिसमें रेखा शर्मा को खुद जवाब देना होगा। उधर, चंद्रमोहन की ओर से दायर क्रिमिनल केस की सुनवाई 20 मई को होगी।

दरअसल, 24 अप्रैल को पंचकूला में भाजपा के मेयर प्रत्याशी श्यामलाल बंसल ने नामांकन के दौरान एक जनसभा में रेखा शर्मा ने पूर्व सीएम भजनलाल पर विवादित बयान दिया था।

 

पब्लिक डोमेन में टिप्पणी की

चंद्रमोहन के वकील दीपांशु बंसल ने कोर्ट में दलील देते हुए कहा कि BJP सांसद रेखा शर्मा ने पब्लिक डोमेन में अभद्र टिप्पणी की। जहां भी इसका वीडियो पोस्ट किया गया है, उसे हटाया जाए। कहीं भी चंद्रमोहन और पूर्व सीएम भजनलाल के बारे में इस तरह की टिप्पणी न की जाए। ऐसी अभद्र टिप्पणी करने से उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है।

टिप्पणी अभद्र है, साबित नहीं हुआ: रेखा शर्मा पक्ष के वकील एडवोकेट रवीश कौशिक ने कहा कि उन्होंने (बीजेपी सांसद) कोई वीडियो पोस्ट नहीं की है। पब्लिक में भाषण दिया गया था। भजनलाल और चंद्रमोहन पर टिप्पणी करने पर रोक नहीं लगाई जानी चाहिए, क्योंकि अभी तक यह साबित नहीं हुआ है कि यह टिप्पणी अभद्र है।

कोर्ट ने कहा- केस चलने तक कोई अभद्र टिप्पणी नहीं करेंगी

कोर्ट ने दोनों पक्ष की दलील सुनने के बाद फैसला सुनाया कि केस चलने तक चंद्रमोहन और भजनलाल के बारे में BJP सांसद रेखा शर्मा कोई अभद्र टिप्पणी, अभद्र कंटेंट और अभद्र बयान नहीं देंगी। केस पर अगली सुनवाई 7 अगस्त को होगी।

चंद्रमोहन ने लीगल नोटिस में कही ये बातें….

भजनलाल के छोटे बेटे और पंचकूला से कांग्रेस विधायक चंद्रमोहन ने इस मामले में सिविल और क्रिमिनल दोनों तरह के केस दायर किए थे। उन्होंने रेखा शर्मा को माफी मांगने के लिए 7 दिन का समय दिया था, जो 3 मई को ही पूरा हो गया।

लोकतंत्र में झूठे आरोप लगाना गलत

चंद्रमोहन ने लीगल नोटिस में कहा कि राजनीति में पक्ष और विपक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगाते हैं, लेकिन लोकतंत्र में झूठे आरोप लगाना गलत है। उनके पिता भजनलाल हरियाणा के तीन बार मुख्यमंत्री रहे और राज्य के निर्माण से लेकर उसके विकास में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। पंचकूला को बसाने और विकसित करने का श्रेय भी भजनलाल को ही जाता है। भजनलाल अब इस दुनिया में नहीं हैं। चंद्रमोहन स्वयं पांच बार विधायक रह चुके हैं और उपमुख्यमंत्री पद भी संभाल चुके हैं।

छवि को जानबूझकर धूमिल करने की कोशिश

चंद्रमोहन ने आगे कहा कि वे पंचकूला और हरियाणा के विकास के लिए हमेशा तत्पर रहे हैं। उन्होंने कभी भी किसी अन्य दल के नेता के खिलाफ कोई आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं की। इसके बावजूद सांसद रेखा ने चुनावी सभा में उनके परिवार की छवि को जानबूझकर धूमिल करने के लिए अभद्र टिप्पणी की, जो लोकतंत्र और सामाजिक मर्यादा के विरुद्ध है।

बदमाशी से चुनाव जीता होता तो शिकायत होती

चंद्रमोहन ने यह भी कहा कि यदि उन्होंने बदमाशी के दम पर चुनाव जीते होते तो जनता उन्हें पांच बार क्यों चुनती? अगर ऐसा होता तो इसकी शिकायत भी होती और कार्रवाई भी होती। उन्होंने 2000, 2005, 2019 और 2024 में चुनाव लड़ा, जिनमें से कई बार हरियाणा में कांग्रेस की सरकार भी नहीं थी। इसके बावजूद उनके खिलाफ कभी कोई शिकायत या कार्रवाई नहीं हुई, जो इस बात का प्रमाण है कि सांसद रेखा का बयान केवल उनकी छवि धूमिल करने के उद्देश्य से दिया गया है।