• बोले- पानी की मांग कर रहे ग्रामीण

हांसी के निकटवर्ती गांव चैनत में बिजली और पानी की मांग को लेकर चल रहे धरने के समर्थन में शुक्रवार को एक महापंचायत का आयोजन किया गया। इस महापंचायत में इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय चौटाला शामिल हुए, जहां उन्होंने भाजपा नेताओं पर टिप्पणी कर राजनीतिक माहौल को गरमा दिया।

महापंचायत के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए अभय चौटाला ने हांसी के विधायक विनोद भयाना पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाखड़ा पाइप लाइन का विरोध शहरवासी नहीं कर रहे हैं, बल्कि विधायक अपने कुछ चुनिंदा लोगों के माध्यम से विरोध करवाकर चंडीगढ़ में बैठे अधिकारियों और नेताओं को गुमराह कर रहे हैं।

जनविरोधी फैसले ले रही सरकार

उन्होंने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने पहले भी पेंशन काटने और मंडियों में फसल खरीद पर शर्तें लगाने जैसे कई जनविरोधी फैसले लिए हैं। हालांकि, जनता के भारी दबाव के कारण सरकार को अपने इन फैसलों को बदलना पड़ा था।

अभय चौटाला ने विधायक विनोद भयाना पर आरोप लगाया कि उन्हें न तो शहरवासियों की चिंता है और न ही ग्रामीणों की। उन्होंने दावा किया कि विधायक अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर विकसित की गई कॉलोनियों के हित साधने के लिए पाइपलाइन लाने का काम कर रहे हैं।

चौटाला ने चेतावनी दी कि समय आने पर जब उनकी पार्टी की सरकार बनेगी, तो इस मामले का हिसाब किया जाएगा। उन्होंने दृढ़ता से कहा, “मेरी याददाश्त कमजोर नहीं है और मैं भूलने वालों में से नहीं हूं।”

भाजपा नेता नरेश यादव पर साधा निशाना

महापंचायत के दौरान अभय चौटाला ने भाजपा नेता पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि नरेश यादव भाजपा सरकार में रहते हुए ग्रामीणों के समर्थन की बातें कर रहे हैं। अगर वह वास्तव में ग्रामीणों के हितैषी हैं तो उन्हें भाजपा छोड़कर ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठना चाहिए और खुलकर सरकार का विरोध करना चाहिए।

चौटाला ने कहा कि 51 हजार रुपए की सहयोग राशि देकर ग्रामीणों से सहानुभूति बटोरने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि चैनत गांव इतना संपन्न है कि यदि आंदोलन के लिए करोड़ों रुपए की जरूरत पड़ी तो ग्रामीण 51-51 लाख रुपए तक देने को तैयार हैं।

अभय चौटाला की टिप्पणी गलत : नरेश यादव

गौरतलब है कि इससे पहले भाजपा नेता नरेश यादव चैनत गांव के धरने पर पहुंचकर ग्रामीणों की मांग को जायज बता चुके हैं और अपनी ओर से 51 हजार रुपए की सहयोग राशि भी दी थी।

वहीं, इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए नरेश यादव ने कहा कि वह धरने पर गांववासियों का समर्थन करने और उनके साथ खड़े होने के लिए पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि वह किसी सामाजिक मंच को राजनीतिक मंच नहीं बनाना चाहते थे। नरेश यादव ने अभय चौटाला द्वारा की गई टिप्पणी को पूरी तरह गलत बताते हुए कहा कि वह जल्द ही मीडिया के माध्यम से इसका जवाब देंगे।

ग्रामीण कर रहे पीने के पानी की मांग : अभय

चौटाला ने स्पष्ट किया कि शहर में रहने वाले लोग भी गांवों से जुड़े हुए हैं, इसलिए वे गांवों को मिलने वाले पानी का विरोध नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण केवल पीने के पानी की मांग कर रहे हैं।

इनेलो नेता ने कहा कि वे शहर के लिए पानी का विरोध नहीं कर रहे हैं, बल्कि चाहते हैं कि शहर और गांव दोनों को बराबर पानी मिले। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि मौजूदा पाइप लाइन की क्षमता कम है, तो सरकार को इसे बढ़ाना चाहिए।

चौटाला ने यह भी बताया कि किसानों के खेतों तक कम पानी पहुंचने के बावजूद वे विरोध नहीं कर रहे हैं, क्योंकि उनकी प्राथमिकता गांव के लोगों के लिए पीने का पानी सुनिश्चित करना है।

अभय चौटाला की टिप्पणी गलत : नरेश यादव

गौरतलब है कि इससे पहले भाजपा नेता नरेश यादव चैनत गांव के धरने पर पहुंचकर ग्रामीणों की मांग को जायज बता चुके हैं और अपनी ओर से 51 हजार रुपए की सहयोग राशि भी दी थी।

वहीं, इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए नरेश यादव ने कहा कि वह धरने पर गांववासियों का समर्थन करने और उनके साथ खड़े होने के लिए पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि वह किसी सामाजिक मंच को राजनीतिक मंच नहीं बनाना चाहते थे। नरेश यादव ने अभय चौटाला द्वारा की गई टिप्पणी को पूरी तरह गलत बताते हुए कहा कि वह जल्द ही मीडिया के माध्यम से इसका जवाब देंगे।