- करनाल में बोले- 2014 के बाद ही क्यों बढ़ रहे केस, युवा दवाब में हैं
हरियाणा में करनाल के अंसध में आज कांग्रेस द्वारा कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिमसें मुख्य अतिथि के रूप में रोहतक लोकसभा से सांसद दीपेंद्र हुड्डा पहुंचकर कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने नीट पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए कई गंभीर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि पहले भी नीट के समकक्ष परीक्षाएं होती थीं, लेकिन कभी पेपर लीक नहीं हुआ। अब लगातार लीक की घटनाएं हो रही हैं, जिससे युवाओं का भविष्य खतरे में है। साथ ही उन्होंने महंगाई, किसानों की स्थिति, अवैध कालोनियों और प्रदर्शन की अनुमति जैसे मुद्दों पर भी सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए।
नीट पेपर लीक पर सरकार को घेरा
दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि 2014 से पहले भी नीट जैसी परीक्षाएं होती थीं, लेकिन तब कभी पेपर लीक की घटनाएं सामने नहीं आईं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर 2014 के बाद ही लगातार पेपर लीक क्यों हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब तक करीब 90 पेपर लीक हो चुके हैं और हर साल ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं। इसके चलते कई युवा मानसिक दबाव में आ गए हैं और छह बच्चों ने आत्महत्या तक कर ली। उन्होंने कहा कि ऐसे में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा नहीं मांगा जाएगा तो फिर किससे मांगा जाएगा।
सीबीएसई चेयरमैन को हटाने पर तंज
हुड्डा ने सरकार के उस फैसले पर भी निशाना साधा, जिसमें सीबीएसई के चेयरमैन को हटाकर कृषि विभाग में सचिव बनाया गया। उन्होंने कहा कि अब तक युवाओं को जिस स्थिति का सामना करना पड़ा, अब वही स्थिति किसानों को झेलनी पड़ेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार में कृषि विभाग सजा की पोस्टिंग बन गया है, जहां अधिकारियों को दंड के रूप में भेजा जाता है।
उन्होंने कहा कि यह किसानों के साथ अन्याय है, क्योंकि देश की लगभग 50 प्रतिशत आबादी किसान और मजदूर है, जबकि आढ़ती और व्यापारी भी कृषि व्यवस्था से जुड़े हैं।
कुरूक्षेत्र प्रदर्शन पर उठाए सवाल
कुरूक्षेत्र में प्रदर्शन के मुद्दे पर बोलते हुए हुड्डा ने कहा कि निशाना केवल उन पर नहीं था, बल्कि हर उस युवा पर था जिसकी आवाज वे उठा रहे थे। उन्होंने कहा कि यह वही सरकार है जिसमें 750 किसानों ने अपनी जान गंवाई। इसके बावजूद किसानों और विपक्ष को प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जाती।
महंगाई पर सरकार को घेरा
महंगाई के मुद्दे पर हुड्डा ने कहा कि देश में महंगाई रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी सरकार के मंत्रियों को इस बात के लिए बधाई देनी चाहिए कि उन्होंने आजादी के बाद सबसे महंगा डीजल, पेट्रोल और रसोई गैस सिलेंडर कर दिया है। उन्होंने कहा कि रुपया लगातार डॉलर के मुकाबले गिरता जा रहा है और सरकार अपने वादों पर खरी नहीं उतरी।
अवैध कालोनियों पर गंभीर आरोप
अवैध कालोनियों के सवाल पर हुड्डा ने कहा कि जितनी भी अवैध कालोनियां काटी जा रही हैं, उनमें बीजेपी के विधायक शामिल हैं और यह बात सभी जानते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता परेशान है, जबकि मंत्री अवैध कालोनियां काट रहे हैं। उन्होंने कहा कि दीनदयाल के नाम पर भी मंत्रियों को लाइसेंस दिए जा रहे हैं। उन्होंने निष्पक्ष जांच पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जांच एजेंसियां भाजपा से प्रभावित हैं और मीडिया भी अब जांच की मांग कम कर रहा है।
प्रदर्शन की अनुमति पर उठाए सवाल
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन को लेकर हुड्डा ने कहा कि इस पार्टी को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति मिल गई, लेकिन किसानों, कांग्रेस और पहलवानों को कभी अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि कुरूक्षेत्र में भी प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई, जिससे सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े होते हैं।
इनेलो विधायक विवाद पर प्रतिक्रिया
इनेलो विधायक और अधिकारी के बीच विवाद के सवाल पर हुड्डा ने कहा कि अगर कांग्रेस का कोई नेता प्रदर्शन करता है या अभद्र भाषा का प्रयोग करता है तो तुरंत केस दर्ज हो जाते हैं, लेकिन इनेलो नेताओं पर कोई कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार को राजनीतिक धर्म निभाना चाहिए और अधिकारियों की गरिमा भी बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अब जनता समझ चुकी है कि कौन किससे मिलीभगत कर रहा है।
