- सांसद-विधायकों से लेकर कार्यकर्ताओं से लेंगे फीडबैक, जनरल बॉडी की मीटिंग आज
हरियाणा कांग्रेस के नए प्रभारी संजय दत्त प्रदेश में अपनी नई जिम्मेदारी संभालते ही संगठन की जमीनी हकीकत समझने में जुटेंगे। वे 8 से 12 जुलाई तक चंडीगढ़ में रहकर सांसदों, विधायकों, जिला अध्यक्षों, संगठन के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और पिछले चुनाव लड़ चुके नेताओं से अलग-अलग मुलाकात करेंगे। इसके बाद तैयार फीडबैक के आधार पर प्रदेश में कांग्रेस का नया एक्शन प्लान लागू किया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक, संजय दत्त हर नेता से बंद कमरे में वन-टू-वन बातचीत करेंगे, ताकि सभी खुलकर अपनी बात रख सकें। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस की मौजूदा स्थिति, गुटबाजी, संगठन की मजबूती, नेताओं के प्रभाव और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से चर्चा होगी।
पहले फीडबैक, फिर एक्शन
पार्टी का मानना है कि अब तक कई प्रभारी केवल वरिष्ठ नेताओं तक सीमित रहे, जिससे संगठन की वास्तविक स्थिति का पूरा आकलन नहीं हो पाया। संजय दत्त पहले व्यापक फीडबैक जुटाएंगे और उसके बाद दिल्ली में पार्टी नेतृत्व के सामने रिपोर्ट रखेंगे। उसी आधार पर हरियाणा कांग्रेस के लिए आगे की रणनीति तय होगी।
खास बात यह है कि वे लोकसभा और विधानसभा चुनाव लड़ चुके प्रत्याशियों से भी अलग-अलग मुलाकात करेंगे। चुनाव परिणाम के बाद पार्टी में सामने आए मतभेदों और हार के कारणों पर भी उनकी राय ली जाएगी।
5 दिन का पूरा कार्यक्रम
8 जुलाई: सुबह 10:40 बजे प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचेंगे। प्रदेश कांग्रेस की जनरल बॉडी बैठक में शामिल होंगे। सांसदों से अलग-अलग मुलाकात करेंगे। रात तक विधायकों से वन-टू-वन बैठक करेंगे।
9 जुलाई: जिला अध्यक्षों से व्यक्तिगत मुलाकात कर संगठन की स्थिति जानेंगे।
10 जुलाई: विभिन्न प्रकोष्ठों और संगठनों के नेताओं से चर्चा करेंगे। पीएसी और स्टेट लेवल एक्शन कमेटी से बैठक। छात्र संगठन और विभागीय प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों से मुलाकात। पंचकूला में छात्रों के कार्यक्रम में शामिल होंगे।
11 जुलाई: ओपन हाउस आयोजित होगा, जिसमें पार्टी कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद करेंगे। 12 जुलाई: लोकसभा और विधानसभा चुनाव लड़ चुके पूर्व प्रत्याशियों से फीडबैक लेंगे।
संगठन को और एक्टिव बनाएंगे- राव नरेंद्र
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि संजय दत्त का यह हरियाणा का पहला संगठनात्मक दौरा होगा। वे 8 से 12 जुलाई तक जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से व्यापक संवाद करेंगे। इस दौरान संगठन को अधिक मजबूत, सक्रिय और प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी देंगे।
