• बैठक में रखी राय
हरियाणा कांग्रेस के नवनियुक्त प्रभारी संजय दत्त की प्रदेश में पहली जनरल बॉडी बैठक महज औपचारिक परिचय तक सीमित नहीं रही। पार्टी मुख्यालय में बंद कमरे में हुई बैठक में वरिष्ठ नेताओं ने गुटबाजी, विधानसभा चुनाव-2024 की हार, संगठनात्मक अनुशासन और भविष्य की रणनीति पर खुलकर अपनी बात रखी। बैठक के अंत में प्रभारी संजय दत्त ने स्पष्ट संदेश दिया कि संगठन में पहचान और जिम्मेदारी उसी को मिलेगी, जो जमीन पर सक्रिय होकर काम करेगा।

बैठक की शुरुआत में संजय दत्त ने वरिष्ठ नेताओं, सांसदों, विधायकों, पूर्व पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से संगठन की स्थिति पर फीडबैक लिया। चर्चा के दौरान मीडिया को प्रवेश नहीं दिया गया ताकि नेता खुलकर विचार रख सकें।
अनुकूल माहौल होने के बावजूद विधानसभा चुनाव हारना आत्ममंथन का विषय है
सबसे पहले सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि गुटबाजी नहीं, अलग-अलग समूह होना स्वाभाविक है लेकिन स्थिति तब गलत हो जाती है जब कार्यकर्ता एक-दूसरे से नमस्ते तक नहीं करते। उन्होंने कहा कि अनुकूल माहौल होने के बावजूद विधानसभा चुनाव हारना आत्ममंथन का विषय है। हर नए प्रभारी के आने पर चर्चा तो होती है लेकिन कथनी और करनी में अंतर रह जाता है। नए प्रभारी से काफी उम्मीदें हैं।

कांग्रेस ने पांच लोकसभा सीटें जीतीं और विधानसभा चुनाव में भी भाजपा को कड़ी टक्कर दी

इसके बाद सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस ने पांच लोकसभा सीटें जीतीं और विधानसभा चुनाव में भी भाजपा को कड़ी टक्कर दी। दोनों दलों के मत प्रतिशत में बेहद कम अंतर रहा। उन्होंने राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार कर्मबीर बौद्ध की जीत का भी उल्लेख किया।
वोट प्रतिशत बढ़ना और सांसदों की संख्या बढ़ना महत्वपूर्ण है 
दीपेंद्र के वक्तव्य के बाद राज्यसभा सदस्य रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि वोट प्रतिशत बढ़ना और सांसदों की संख्या बढ़ना महत्वपूर्ण है लेकिन अंतिम लक्ष्य सरकार बनाना होता है। पार्टी की सबसे बड़ी समस्या यह है कि नेता एक-दूसरे से स्पष्ट बातें नहीं करते। हरियाणा में कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन पर गंभीर आत्ममंथन की जरूरत है।
हुड्डा-सुरजेवाला की टिप्पणी पर गूंजे ठहाके
प्रदेशाध्यक्ष के संबोधन के दौरान नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मुस्कुराते हुए कहा, सुरजेवाला मेरा साथ दो, सरकार लेकर आएंगे। इस पर रणदीप सिंह सुरजेवाला ने जवाब दिया, मैं तो 20 वर्षों से आपके साथ हूं, अब आप मेरा साथ दीजिए। उनके इस जवाब पर बैठक में मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच ठहाके गूंज उठे।
चुनाव के दौरान नेताओं में बेहतर तालमेल होता तो परिणाम अलग हो सकते थे
पूर्व प्रदेशाध्यक्ष उदयभान ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान नेताओं में बेहतर तालमेल होता तो परिणाम अलग हो सकते थे। वहीं अनुशासन समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद धर्मपाल मलिक ने संगठन को एकजुट होकर नए प्रभारी के नेतृत्व में आगे बढ़ने की सलाह दी। सभी नेताओं को सुनने के बाद प्रभारी संजय दत्त ने कहा कि उन्हें पता है कि संगठन के लिए कौन ईमानदारी से काम कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में जिम्मेदारी और पद काम के आधार पर ही दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि हरियाणा की राजनीतिक परिस्थितियों का गहराई से विश्लेषण कर संगठन को मजबूत किया जाएगा। बैठक के बाद संजय दत्त ने सांसदों और विधायकों के साथ अलग-अलग बैठक कर संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का भी जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि मतदाता सूची पुनरीक्षण के नाम पर पात्र मतदाताओं को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है।