- हम दब्बू नहीं, गोकुल बोले-विधायक लास्ट में थे
सिरसा से कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया ने एक बार फिर अपनी ही पार्टी नेताओं पर तंज कसा है। इस बार पार्टी की मीटिंग के दौरान मंच पर कुर्सी का विवाद है। बताया जा रहा है कि मंच पर आगे उन 2 नेताओं को कुर्सी दे दी गई, जो पार्टी छोड़कर गए थे और वापस कांग्रेस जॉइन कर ली। उन 2 नेताओं को कांग्रेस की मंजी ठोकने वालों की संज्ञा दी है।
इसे लेकर विधायक गोकुल सेतिया ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट डाली है। जिसमें उन्होंने लिखा- हमारी कुर्सी हमारे प्रधान ने जानबूझकर आखिरी लाइन में लगवाई और इस तरह जो अपमानित करेगा, वो बर्दाश्त नहीं करेंगे। हम किसी से दबने वाले नहीं है।
दरअसल, हाल ही में हरियाणा कांग्रेस पार्टी के नए प्रभारी संजय दत्त बनाए गए हैं। इसके चलते चंडीगढ़ में जनरल मीटिंग रखी गई थी। उस दौरान मंच पर पहली पंक्ति में पूर्व सीएम एवं नेता-प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा व प्रभारी संजय दत्त, प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह, सांसद कुमारी सैलजा और अन्य सीनियर नेता मौजूद थे। इसमें सभी विधायकों और सीनियर नेताओं को बुलाया गया था।
वहीं, विधायक गोकुल सेतिया ने दैनिक भास्कर एप टीम से बातचीत में बताया कि हमारी कुर्सी विधायकों की पहले लास्ट में लगी थी। कुछ साथी आगे बैठे थे तो हम भी आगे आ गए। जिनके बारे में कहा है, वो सब जानते हैं।
लोगों का समर्थन- पोस्ट पर मिले-जुले कमेंट्स
वहीं, विधायक की इस पोस्ट पर उनके समर्थकों एवं लोगों के मिले-जुले कमेट्स है और काफी लोगों ने उनकी इस पोस्ट का समर्थन किया है और ये कहा है कि चाहे कितनी बड़ी कुर्बानी दो या पार्टी के लिए हर समय लड़ने को तैयार रहो। उनके साथ कांग्रेस में ऐसा ही होता है। आपने मेहनत की है और धरातल से लोगों के समर्थन से चुने गए हैं। सेल्फ रिस्पेक्ट जरूरी है और ये सही किया। बेखौफ लड़ो। ये फोटोजीव चुने हुए हैं और समझेंगे नहीं।
जानिए पोस्ट क्या लिखा
बीजेपी की मलाई चाटकर कल हमारी कांग्रेस की मंजी ठोकने वाले 2 साथी टाइम से आकर सबसे अगली लाइन में बैठ गए, जब स्टेज और हॉल पूरी तरह खाली था और लंबे-लंबे प्रवचन पेलने लगे। अब बिल्ली बताएगी हमें दूध की उसने राखी कैसे करी थी।
हमारे प्रधान जी ने मेरी और मेरे साथी देवेंद्र हंस (गुहला विधायक) की पर्ची जानबूझकर आखरी लाइन में लगवाई और उन लोगों की एमएललो के आगे लगवाई जो पार्टी को तेल देने वाले थे। हां मैंने पर्ची फाड़ी अपनी कुर्सी की भी और मेरे साथी एमएलए की कुर्सी की भी और आगे आकर खुद भी बैठा और उन्हें भी बैठाया। साहब हम दब्बू नहीं हजारों लोगों का विश्वास जीतकर यहां तक आए हैं, कोई इस प्रकार से अपमानित करेगा तो न आज बर्दाश्त करें न कल और न हमें किसी प्रकार का कोई लालच।
