- इसलिए 700 वोटों से हारा विधानसभा चुनाव
हरियाणा के पूर्व मंत्री जेपी दलाल ने भिवानी के सेक्टर-13 स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा खुशी की बात है कि 2023 खरीफ और रबी का बीमा क्लेम विवादित था। लगभग 250 करोड़ रुपए पेंडिंग थे। 350 करोड़ के आसपास बीमा मंजूर हुआ था, 100 करोड़ उसमें से डल चुका था और बाकी पैसा कंपनी ने देने की मनाही कर दी थी। किसान धरने पर बैठे, मैंने भी पैरवी की। मुख्यमंत्री का धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने संज्ञान लिया। कंपनी हाई कोर्ट में गई हुई थी और सरकार के दबाव से कंपनी ने केस विड्रा कर लिया। अब वो पैसा किसानों के खाते में आ जाएगा। इतने दिनों से रुका हुआ पैसा जो कि चुनाव से पहले आना चाहिए था। जेपी दलाल ने कहा कि “मैं यह समझता हूं कि इसमें किसी न किसी अधिकारी की या किसी और आदमी का गहरी षड्यंत्र है। अगर उस टाइम 350 करोड़ आ जाता तो निश्चित तौर पर चुनाव प्रभावित होता। यह पैसा रोककर मेरे चुनाव को खराब किया गया और मैं चुनाव 700 वोट से हार गया। मैं कोशिश करूंगा कि इसकी भी जांच करवाऊंगा कि ये गड़बड़ किसने की।
250 करोड़ मुआवजा जल्द मिलेगा
जेपी दलाल ने कहा कि सबसे ज्यादा पैसा लोहारू हल्के का था। 350 करोड़ मुआवजा लोहारू हल्के का था, जिसमें से 100 करोड़ देकर कंपनी ने हाथ झाड़ लिए थे। अब 250 करोड़ और लोहारू हल्के को मिलेगा। इससे किसानों में समृद्धि आएगी और आर्थिक सुधार होगी। मुख्यमंत्री जब सिवानी आए थे, तब कहा था कि अगर इस कंपनी के ऊपर FIR नहीं लिखवाओगे तो पैसा नहीं देगी। मुख्यमंत्री ने संज्ञान लिया और उसके बाद कंपनी ने हाई कोर्ट से केस वापस लिया।
मुआवजा रोककर चुनाव प्रभावित किया
उन्होंने कहा कि पैसा मिलने में अब किसी तरह की रुकावट नहीं होगी। अब कंपनी ने हाई कोर्ट से केस ही विड्रा कर लिया। पैसा एक हफ्ते या दस दिन में कंपनी डाल देगी। मुख्यमंत्री से बात करूंगा कि पैसा चुनाव से पहले मिल जाता तो मेरे चुनाव को प्रभावित किया गया है, मुझे नुकसान हुआ है। यह भी एक कारण है कि वे 700 वोट से हार गए। निश्चित तौर पर 350 करोड़ रुपए उस समय आ जाते तो और ज्यादा वोट मिलते। उस समय अधिकारी ने गलत फैसला करके बीमा का पैसा रोका गया, उस अधिकारी जांच होनी चाहिए।
