• बोले-मूल सिद्धांतों से भटकी पार्टी

हरियाणा में भाजपा को आज बड़ा राजनीतिक झटका लगा। पार्टी के अनुसूचित जनजाति (एसटी) मोर्चा के प्रदेश महामंत्री मुकेश कुमार जनझोत्रा ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और सभी संगठनात्मक पदों से इस्तीफा दे दिया। पानीपत के बबैल गांव निवासी जनझोत्रा करीब 20 वर्षों से भाजपा से जुड़े हुए थे और संगठन में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।

अपने इस्तीफे में मुकेश कुमार जनझोत्रा ने बीजेपी नेतृत्व पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पार्टी अब अपने मूल उद्देश्यों और सिद्धांतों से भटक चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि अनुसूचित जनजाति समाज की लगातार उपेक्षा की जा रही है और उनकी आवाज को संगठन में उचित महत्व नहीं दिया जा रहा।

सबकी की जा रही अनदेखी

इतना ही नहीं मुकेश कुमार ने यह भी कहा कि बीजेपी अब गरीबों, किसानों और छोटे व्यापारियों के हितों की अनदेखी कर रही है। उनके अनुसार, जिन मूल विचारों और जनहित के मुद्दों को लेकर उन्होंने वर्षों तक पार्टी में काम किया है। आज वही प्राथमिकताएं पीछे छूट गई है।

मुकेश कुमार जनझोत्रा का यह इस्तीफा इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि वे करीब 20 वर्षों से बीजेपी संगठन का सक्रिय चेहरा रहे हैं। ऐसे में उनका पार्टी छोड़ना हरियाणा की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे सकता है।

इस्तीफे के बाद चर्चा तेज

फिलहाल बीजेपी की ओर से मुकेश कुमार के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि पार्टी इस घटनाक्रम पर क्या रुख अपनाती है और क्या मुकेश कुमार जनझोत्रा भविष्य में किसी अन्य राजनीतिक दल का दामन थामेंगे या फिर कोई नया राजनीतिक रास्ता चुनेंगे। फिलहाल हरियाणा की राजनीति में यह इस्तीफा चर्चा का बड़ा विषय बन गया है और आने वाले दिनों में इसके राजनीतिक असर पर सभी की नजर रहेगी।