दिग्विजय चौटाला ने हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा (एचटीईटी) 2025 में बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप लगाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से इस मामले पर तत्काल जवाब देने की मांग की। चौटाला ने कहा कि हरियाणा शिक्षा बोर्ड में हुई गड़बड़ियों से लाखों युवाओं का भविष्य दांव पर है। चौटाला ने दावा किया कि 2024 में नहीं हो पाई परीक्षा 2025 में करवाई गई। 24 और 29 अगस्त तक बायोमीट्रिक का काम पूरा किया गया था। उन्होंने बताया कि सचिव द्वारा भेजे गए परिणाम को रोक दिया गया। इसके बाद सचिव को चरखी दादरी का जिलाधिकारी बनाया गया और उनकी जगह मनीष को नियुक्त किया गया। परिणाम में पहले से चयनित 1284 उम्मीदवारों को फिर से पास किया गया। दिग्विजय चौटाला ने कहा, “मेरे सूत्रों के हिसाब से बताना चाहता हूं कि 1284 लोगों का बायोमीट्रिक आज तक नहीं किया गया है।” उन्होंने यह भी कहा कि परिणाम सुबह चार-पांच बजे घोषित हुआ, जिसकी सूचना किसी भी एजेंसी को नहीं दी गई।
कुल दो लाख 33 हजार 284 अभ्यर्थियों ने यह परीक्षा दी थी
मई में बोर्ड के अध्यक्ष को भी बदला गया था। परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल चौटाला ने आरोप लगाया कि जिस कंपनी पर लगातार आरोप लग रहे थे, उसी को एचटीईटी पेपर की जिम्मेदारी दी गई। परीक्षा की कई तारीखें बदली गईं। कुल दो लाख 33 हजार 284 अभ्यर्थियों ने यह परीक्षा दी थी। 22 जिलों में अभ्यर्थियों ने पेपर सील न होने का मुद्दा उठाया। परीक्षा का समय शाम पांच बजे तक था, लेकिन रात आठ बजे तक पेपर लिए गए। सीसीटीवी फुटेज गायब होने का दावा दिग्विजय चौटाला ने एक गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भिवानी शिक्षा बोर्ड ने सीसीटीवी फुटेज डिलीट कर दी है।
सीसीटीवी फुटेज का डेटाबेस तीन महीने तक रहना चाहिए
उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेज का डेटाबेस तीन महीने तक रहना चाहिए। यह मुख्यमंत्री की नाक के नीचे हुआ है। भिवानी में भी 21 तारीख को आने वाले परिणाम की तारीख बदल दी गई थी। शिक्षा यूनियन के कर्मचारी भी इस मुद्दे को उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री से जवाब की मांग चौटाला ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मीडिया के सामने आकर जवाब देने को कहा। उन्होंने पूछा कि शिक्षा व्यवस्था के साथ खिलवाड़ क्यों हो रहा है। अगर मुख्यमंत्री मीडिया के सामने नहीं आ सकते, तो उन्हें देश के प्रधानमंत्री की तरह सोशल मीडिया पर आकर जानकारी देनी चाहिए। दिग्विजय चौटाला ने चेतावनी दी, “सरकार इन सवालों का जवाब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी देंगे तो ठीक है, वरना हमें उच्च न्यायालय का रुख करना पड़ेगा।”
