- विधायक अरोड़ा ने कहा-HKRN वाली दुकानदारी बंद करे सरकार
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में कांग्रेस OBC सेल के प्रदेशाध्यक्ष और आदमपुर के विधायक चंद्र प्रकाश ने पिछड़ा वर्ग के मुद्दों को लेकर BJP सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा ने 2019 और 2024 के चुनाव में पिछड़े वर्ग से कई वादे किए थे, लेकिन इनमें से एक भी वादा पूरा नहीं किया गया।
उधर, थानेसर विधायक अशोक अरोड़ा ने HKRN को लेकर सरकार को घेरा। पंजाबी धर्मशाला में आयोजित कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में चंद्र प्रकाश ने आरोप लगाया कि आरक्षण, क्रीमीलेयर, सामाजिक न्याय, आर्थिक सशक्तिकरण, शिक्षा और राजनीतिक भागीदारी के मामले में पिछड़ा वर्ग लगातार अनदेखी का शिकार हो रहा है।
विधायक चंद्र प्रकाश ने आरोप लगाया कि सरकार ने पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों में पिछड़ा वर्ग के लिए क्रमश: 8 और 5 प्रतिशत आरक्षण दिया है। पहले ही इससे ज्यादा संख्या में पिछड़ा वर्ग के लोग चुनकर आते रहे। ऐसे में इस व्यवस्था से आरक्षण बढ़ने के बजाय घटा है।
जातीय जनगणना को लेकर भी सरकार पर सवाल
उन्होंने जातीय जनगणना का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि किसी भी वर्ग के लिए नीति और योजना बनाने के लिए उसके आंकड़े होना जरूरी हैं। जब यह पता ही नहीं होगा कि किसी समाज की संख्या कितनी है और उसकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति क्या है, तब उसके लिए सही नीति कैसे बनाई जा सकती है।
बोले- हर वर्ग को मिले अपनी भागीदारी
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लगातार जातीय जनगणना और सामाजिक न्याय की बात उठा रहे हैं। कांग्रेस की मांग है कि पिछड़े वर्ग को उसकी आबादी के हिसाब से सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक भागीदारी मिलनी चाहिए। हर वर्ग को संविधान के मुताबिक उसका हक मिलना चाहिए।
अरोड़ा बोले- SC-पिछडे वर्ग की अनदेखी कर रही सरकार
थानेसर के विधायक अशोक अरोड़ा ने भी भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार पिछड़े वर्ग और अनुसूचित जाति समाज की भावनाओं से खेलकर सत्ता में आई, लेकिन अब इन्हीं वर्गों की अनदेखी की जा रही है। आरोप लगाया कि सरकार हर वर्ग का शोषण कर रही है।
करीब 4 लाख स्वीकृत पदों में 2.50 लाख भरे होने का दावा
अशोक अरोड़ा ने दावा किया कि हरियाणा में करीब 4 लाख सरकारी पद स्वीकृत हैं, जिनमें लगभग ढाई लाख पद ही भरे हुए हैं। करीब 1.20 लाख पद हरियाणा कौशल रोजगार निगम यानी HKRN के तहत कर्मी शामिल है। इससे नियमित सरकारी नौकरियों की व्यवस्था कमजोर हुई है।
HKRN कर्मियों को मिले सरकारी नौकरी जैसी सुविधा
अरोड़ा ने कहा कि जिन युवाओं को नौकरी की गारंटी दी गई है, उन्हें केवल काम देना पर्याप्त नहीं है। उन्हें नियमित कर्मचारियों के समान वेतन और सुविधाएं भी मिलनी चाहिए। इनमें पे-स्केल, यात्रा भत्ता, मेडिकल सुविधा, महंगाई भत्ता और छुट्टियां शामिल हैं। 19 अगस्त को कांग्रेस HKRN ऑफिस के सामने सांकेतिक धरना देगी और इनको पक्की सरकारी नौकरी देने की मांग करेगी।
एक ही काम, लेकिन वेतन में बड़ा अंतर: अरोड़ा
अशोक अरोड़ा ने कहा कि आज हालात यह है कि एक ही काम करने वाले कर्मचारियों की सैलरी में बड़ा अंतर है। उदाहरण देते हुए कहा कि एक शिक्षक को नियमित नौकरी में करीब 80 हजार रुपए तक सैलरी मिलती है, जबकि इसी तरह का काम करने वाला HKRN कर्मचारी करीब 20 हजार रुपए में काम करने को मजबूर है।
