• इनविटेशन न मिलने पर बोले- भाषण देने वालों में भी नाम नहीं, क्या मेरा आना ठीक

केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह शुक्रवार को गुरुग्राम में आयोजित विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम में इनविटेशन न देने पर नाराज हो गए। उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के सामने ही सवाल उठाया कि अगर कार्यक्रम करने वाले हलके के सांसद को आमंत्रित नहीं कर सकते तो क्या उनका यहां आना उचित था।

उन्होंने पानीपत और करनाल का उदाहरण देते हुए पूछा कि वहां ऐसा कार्यक्रम होता तो क्या संजय भाटिया और मनोहर लाल खट्‌टर को नहीं बुलाया जाता। राव इंद्रजीत ने यह भी कहा कि अगर यह पार्टी का कार्यक्रम नहीं होता तो उन्हें यहां बुलाया भी नहीं जाता और भाषणबाजी में उनका नाम तक नहीं था। पंजाबी समाज को लेकर उन्होंने कहा- “ताली दोनों हाथ से बजती है।”

अब जानिए राव इंद्रजीत सिंह ने क्या कहा….

  • लोकल लोगों को नहीं बुलाया, मुझे आपत्ति: राव इंद्रजीत सिंह ने कहा- हमारे यहां राजस्थान के लोग भी आए हैं। आज इस सभा के अंदर लोकल लोगों को नहीं बुलाया गया। इस चीज की मुझे आपत्ति है। प्रधानमंत्री ने यूं कहा था कि 14 अगस्त को आप विभाजन दिवस के तौर पर मनाओ। आज यहां नितिन नवीन आए हैं। इसलिए आज यहां मैं उपस्थित हुआ।
  • क्या यहां मेरा आना उचित था?: राव इंद्रजीत ने मंच से नितिन नवीन से पूछा कि ये कार्यक्रम करने वाले हलके के सांसद को आमंत्रित नहीं कर सकते तो क्या यहां मेरा आना उचित था। यहां संजय भाटिया जी बैठे हैं। अगर यही कार्यक्रम पानीपत में होता तो क्या संजय भाटिया को नहीं बुलाया जाता। अगर यही प्रोग्राम करनाल में होता तो क्या मनोहर लाल खट्‌टर को नहीं बुलाया जाता। आज यहां प्रोग्राम में पहुंचे सभी पंजाबियों का मैं धन्यवाद करता हूं। 6 बार मैंने आपसे वोट मांगी है और आप लोगों ने मुझे जिताकर भेजा, क्योंकि भाजपा के टिकट पर मैं लड़ रहा था। बस सवाल इस बात का है कि जिन्होंने आज ये प्रोग्राम कराया है, वे हमको अपना नहीं समझते।
  • पीड़ित लोग ज्यादातर हरियाणा में आए: राव ने कहा कि बौद्ध राज सीकरी, आपने कभी इलेक्शन लड़ा है? स्वामी धर्मदेव जी, मैं आपका अजीज हूं? आपने मुझे आशीर्वाद दिया है। एक बार आपके मन में भी आया था कि राजनीति कर लूं। नतीजा क्या हुआ था, जाकर पूछ लेना। आज मैं ये कहना चाहता हूं कि जो लोग वहां पर पीड़ित थे, उनमें से ज्यादातर हरियाणा के अंदर आए, कुछ ही लोग पंजाब में गए। सारे पंजाब के लोग आज हरियाणा के अंदर आए हैं। हरियाणा के लोगों ने उनका स्वागत किया है।
  • सेना के दो चीफ हरियाणा से बने: उन्होंने कहा कि आज हरियाणा पहला प्रदेश है, जिसने पंजाबी को मुख्यमंत्री बनाया। पहली बात तो मोदी जी ने खट्‌टर साहब को बनाया। दूसरी बार तो ये खुद बने ना। हरियाणा पहला प्रदेश है, जहां से सेना के दो चीफ बने हैं। मैं तो कहूंगा कि दोनों हरियाणा वासी थे। एक लेफ्टिनेंट जनरल सुहाग और दूसरे लेफ्टिनेंट जनरल कपूर। ये प्रोग्राम कराने वाले कहेंगे, शायद ये कहेंगे कि एक तो हरियाणा का था, दूसरा पंजाबी था।
  • पार्टी का प्रोग्राम नहीं होता तो मुझे नहीं बुलाते: उन्होंने कहा कि मैं पंजाबी भाइयों से यूं कहना चाहता हूं कि ताली दोनों हाथ से बजती है। आज आप गुरुग्राम में बैठे हैं। पहला पंजाबी MLA किसने बनाया? धर्मवीर गाबा नाम था उनका। सभी ने मिलकर उन्हें जिताया। वह चार बार MLA बने। सिर्फ पंजाबियत के ऊपर या सिर्फ राजनीतिक तौर पर लेने के लिए आप लोगों को आमंत्रित करने वाले लोगों को सोचना चाहिए कि सिर्फ पंजाबी नाम के ऊपर अगर कोई इलेक्शन लड़ता है तो मदान अकेले 48 हजार वोट ले गए, लेकिन जीते नहीं। आप लोगों ने ऐसे कर दिया, जैसे कि आप ही आप लोग हैं, हमारा कोई योगदान नहीं। अगर ये पार्टी का प्रोग्राम नहीं होता तो यहां मुझे बुलाया भी नहीं जाता। आज भाषणबाजी के अंदर मेरा नाम भी नहीं था।