- महम में इनेलो जिलाध्यक्ष ने साधा सरकार पर निशाना
रोहतक जिले के महम में इनेलो जिलाध्यक्ष नफे सिंह लहाली ने प्रदेश सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि महम क्षेत्र बदहाल हो चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार हर मोर्चे पर विफल है और जातिवाद की राजनीति कर रही है।
रेस्ट हाउस में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने सरकार से जातिवाद की बजाय विकास और उत्थान पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि क्षेत्र की मूलभूत समस्याएं जैसे सड़क, पानी, सफाई और रोजगार जस की तस बनी हुई हैं, लेकिन सरकार और जनप्रतिनिधियों का इन पर कोई ध्यान नहीं है।
उन्होंने महम के सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों को निशाने पर लिया। लहाली ने आरोप लगाया कि ये नेता केवल चुनाव के समय वोट मांगने आते हैं, लेकिन जनता की समस्याओं के समाधान के लिए कभी दिखाई नहीं देते।
22 अगस्त को लाखनमाजरा में अभय सिंह चौटाला का प्रोग्राम
नफे सिंह लहाली ने आगामी 22 अगस्त को इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला के महम हलके के लाखनमाजरा गांव में खरेटी रोड रामलीला मैदान में होने वाले कार्यक्रम की भी जानकारी दी। उन्होंने कार्यकर्ताओं और आमजन से इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचने का आह्वान किया।
इनेलो जिलाध्यक्ष ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा नेतृत्व को जात-पात की राजनीति छोड़कर विकास की बात करनी चाहिए। लहाली ने आरोप लगाया कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अर्चना गुप्ता एक जाति विशेष को निशाना बनाकर प्रदेश का माहौल खराब करना चाहती हैं।
लहाली ने पूर्व राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा पर भी गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जांगड़ा की हर विभाग में मिलीभगत है और वे ‘दलाली खाने’ का काम करते हैं। उन्होंने दावा किया कि महम की जनता अब खोखले विकास के दावों को समझ चुकी है और आने वाले समय में इसका जवाब देगी।
इनेलो हर वर्ग की आवाज बुलंद कर रही : नफे सिंह
उन्होंने दावा किया कि हरियाणा में यदि कोई पार्टी सही मायने में विपक्ष की भूमिका निभा रही है तो वह इनेलो है। उन्होंने कहा कि इनेलो ने हर वर्ग और हर मुद्दे पर जनता की आवाज बुलंद की है। चाहे बुढ़ापा पेंशन का मामला हो या सरकार की अन्य जनविरोधी नीतियां, इनेलो ने सड़क से लेकर विधानसभा तक संघर्ष किया और सरकार को झुकने पर मजबूर किया। उन्होंने नगर पालिका सफाई कर्मचारियों और फायर कर्मचारियों की चल रही हड़ताल का समर्थन करते हुए कहा कि आज कर्मचारी वर्ग भी सरकार की नीतियों से परेशान है। सफाई और फायर जैसे महत्वपूर्ण विभागों के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन्हें नजरअंदाज कर रही है।
