• छात्राओं को किया सम्मानित

हरियाणा की सिंचाई व महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी ने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस पहले खुद को संभाले और एक सुर में बात करे। वे भिवानी के बवानीखेड़ा में आयोजित स्थित महिला महाविद्यालय में वीरवार को सर्व कल्याण मंच की ओर से बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से सिलाई मशीन प्रशिक्षण पूरा करने के बाद प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि पहुंची थीं।

मंच से बेटियों के कौशल विकास, पौधारोपण और साइकिल वितरण जैसी सामाजिक गतिविधियों की सराहना करते हुए मंत्री ने कहा कि समाज के ऐसे प्रयास ग्रामीण बेटियों को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

श्रुति बोलीं- पहले एक सुर में बोले कांग्रेस

इस दौरान मंत्री श्रुति चौधरी ने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस पहले अपने आप को तो संभाल ले। उनकी तो रणनीति पहले यह होनी चाहिए कि वे एक ही सुर में बोलें। इनकी रणनीति से कोई फर्क नहीं पड़ता। नायब सिंह सैनी की भाजपा सरकार 24 घंटे लोगों की सेवा में लगी रहती है। दिक्कतें आती हैं, यह नहीं कहती कि दिक्कतें नहीं आती लेकिन समाधान होता है।

मेरे डिपार्टमेंट की बात करें तो विभाग के संबंधित अनेक लोग काम लेकर आते हैं कि टेल तक पानी नहीं पहुंचा। उनके यहां अब नायब सैनी की सरकार में टेल तक पानी पहुंच रहा है। यह बड़ी बात है कि काम करने की मंशा होनी चाहिए।

ड्रेनेज-नहरों से दिन-रात किया पानी निकासी का कार्य

मंत्री श्रुति चौधरी ने प्रदेश में जलभराव की स्थिति और सिंचाई व्यवस्था पर विस्तार से बात रखी। उन्होंने बताया कि भिवानी और दादरी समेत कई जिलों में भारी बरसात के बाद जलभराव की समस्या बनी थी, जिसे दूर करने के लिए सिंचाई विभाग ने ड्रेनेज और नहरों के माध्यम से दिन-रात पानी निकासी का कार्य किया। सरकार की मंशा स्पष्ट है कि जनता को आने वाली हर परेशानी का त्वरित समाधान किया जाए।

5700 करोड़ के वर्ल्ड बैंक प्रोजेक्ट को मंजूरी दी

सिंचाई मंत्री ने नहरी ढांचे के आधुनिकीकरण को लेकर जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश की नहरों के पुनर्निर्माण और टेल तक पानी पहुंचाने के लिए कैबिनेट द्वारा लगभग 5700 करोड़ रुपए के वर्ल्ड बैंक प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी गई है। इसमें लगभग 4700 करोड़ रुपये का सहयोग विश्व बैंक द्वारा तथा शेष राशि हरियाणा सरकार द्वारा वहन की जाएगी।

इसमें सुंदर ब्रांच नहर के कायाकल्प के साथ-साथ कृषि और भूजल रिचार्जिंग से जुड़ी व्यापक योजनाएं शामिल हैं, जिसके लिए प्रदेश स्तर पर डीपीआर तैयार की जा रही है।