- हुड्डा के रिश्तेदार BJP से चुनाव लड़ते हैं, विधानसभा चुनाव में चाचा का गठबंधन था
हरियाणा के पूर्व डिप्टी CM और जननायक जनता पार्टी (JJP) के नेता दुष्यंत चौटाला ने कहा कि उनके खिलाफ बोलने वाले नेताओं की कहीं न कहीं भाजपा से सांठगांठ रही है। उन्होंने किसान आंदोलन का जिक्र करते हुए पंजाब, हरियाणा और यूपी के कई नेताओं के नाम गिनाए।
इनमें पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ और पूर्व मंत्री मनप्रीत सिंह बादल, हरियाणा के भजनलाल और बंसीलाल परिवार के सदस्य, पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा की समधिन लक्ष्मी भादू और दीपेंद्र हुड्डा की साली ज्योति मिर्धा तथा यूपी के नेता जयंत चौधरी शामिल हैं।
दुष्यंत ने अपने चाचा अभय सिंह चौटाला पर भी बिना नाम लिए निशाना साधा। कहा कि विधानसभा चुनाव में उनका किनके साथ गठबंधन था, यह सब जानते हैं।
दुष्यंत ने यह बयान 31 अगस्त को सिरसा के ऐलानाबाद में अपने दौरे के दौरान दिया था। अब उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
सुनील जाखड़ और मनप्रीत बादल:दुष्यंत ने पंजाब के नेताओं का उदाहरण देते हुए कहा कि पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ और पूर्व मंत्री मनप्रीत सिंह बादल अब भाजपा में शामिल हो चुके हैं। इन दोनों ने किसान आंदोलन का सबसे ज्यादा समर्थन किया था। किसान आंदोलन के दौरान जो लोग किसानों के खिलाफ बोल रहे थे, वे आज भाजपा का हिस्सा हैं।
भजनलाल और बंसीलाल परिवार:दुष्यंत ने हरियाणा के भजनलाल और बंसीलाल परिवार के सदस्यों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दोनों परिवार अब भाजपा में हैं।
भूपेंद्र हुड्डा के रिश्तेदार: पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर निशाना साधते हुए दुष्यंत ने कहा कि उनके रिश्तेदार भाजपा से चुनाव लड़ते हैं, लेकिन आरोप उनकी पार्टी पर ही लगाए जाते हैं। उन्होंने अबोहर से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने वाली हुड्डा की समधन लक्ष्मी भादू और नागौर से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने वाली दीपेंद्र हुड्डा की साली ज्योति मिर्धा का नाम लिया।
जयंत चौधरी: दुष्यंत ने यूपी के नेता और केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी का नाम लेकर कहा कि जयंत चौधरी यूपी से आकर हरियाणा के मय्यड़ टोल पर भाषण देते थे और कहते थे कि, मैं कोई चवन्नी नहीं हूं जो पलट जाऊंगा। आज वह भाजपा से गठबंधन करके केंद्र में मंत्री हैं।
बोले- काम करवाए, लेकिन प्रचार नहीं किया
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हमने जनता के बीच रहकर काम करवाए, लेकिन हमारी सबसे बड़ी कमी यह रही कि अपने कामों का प्रचार और इश्तहार नहीं लगाए। हमने बोलना छोड़ दिया, जिसका पूरा फायदा विपक्ष ने उठाया और दुष्प्रचार फैलाकर नुकसान पहुंचाया। अपने कार्यकाल के दौरान चुप रहना और किए गए कामों का प्रचार न करना अपनी सबसे बड़ी भूल थी।
2019 में 10 सीट जीतने वाली JJP 2024 में जीरो पर पहुंची
2019 के हरियाणा विधानसभा चुनाव में JJP ने 10 सीटें जीतीं, जबकि BJP को 40 सीटें मिलीं। बहुमत से दूर BJP ने JJP के साथ गठबंधन कर सरकार बनाई और दुष्यंत चौटाला डिप्टी CM बने। करीब साढ़े चार साल बाद मार्च 2024 में BJP-JJP गठबंधन टूट गया। इसके बाद JJP ने 2024 के विधानसभा चुनाव में अलग गठबंधन के साथ चुनाव लड़ा, लेकिन 90 में एक भी सीट नहीं जीत सकी। दुष्यंत चौटाला भी उचाना कलां से चुनाव हार गए।
