- विधायकों और नेताओं से लेगी फीडबैक, जिलाध्यक्ष पर फैसला
सिरसा कांग्रेस पार्टी संगठन में गुटबाजी को देखते हुए ऑब्जर्वर की कमेटी आज सिरसा आएगी। इस दौरान सभी विधायकों, कांग्रेस समर्थक एवं सीनियर नेताओं और जिलाध्यक्ष से फीडबैक लिया जाएगा। ये कमेटी आज से ही हलका वाइज एरिया में दौरा करेगी और कार्यकर्ताओं से फीडबैक लेगी।
दरअसल, पिछले कई दिनों से कांग्रेस में कुछ जिलाध्यक्षों के प्रति विधायकों एवं वर्करों की नाराजगी पर उनके बदलने की अटकलें चल रही है। इस पर पार्टी संगठन मीटिंग में कई बार चर्चा हुई। गत मीटिंग के दौरान कुछ जिलाध्यक्षों ने भी खुलकर विचार रखें कि अगर पार्टी को लगता है कि वे गलत है तो इसके लिए कमेटी बनाकर जांच कराए। उसमें सबका पता चल जाएगा।
ऐसे में पार्टी हाईकमान ने सभी जिलों में सीडब्ल्यूसी सदस्यों की टीम भेजी है, जो फीडबैक लेकर रिपोर्ट बनाएगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर ही जिलाध्यक्षकों के बदलने पर विचार होगा। सिरसा सहित बाकी जिलाध्यक्षों का एक साल से ज्यादा का कार्यकाल पूरा हो गया है तो रिव्यू आवश्यक है। गुटबाजी रोकने को सभी से रिव्यू लिया जाएगा। इस खबर को बाद में अपडेट किया जाएगा।
सिरसा में ये बदलाव
सिरसा में पहले जिलाध्यक्ष संतोष बेनीवाल अक्सर सांसद कुमारी सैलजा के साथ नजर आती थी और विधायक शीशपाल कहरवाला के अलावा बहुत कम दिखते थे। अब ऐसा है कि जिलाध्यक्ष संतोष पार्टी के अपने कार्यक्रम करती है, परंतु सांसद के साथ नहीं दिखती और तीनों विधायक व सीनियर नेता सांसद कुमारी सैलजा के साथ हो गए हैं।
ऐसे शुरू हुआ विवाद
पहले सिरसा विधायक गोकुल सेतिया और पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह में कंट्रोवर्सी चल रही थी और एक-दूसरे के खिलाफ विरोधी बयानबाजी चली। सिरसा में संकल्प यात्रा के दौरान जिलाध्यक्ष संतोष पार्टी के नाते बृजेंद्र सिंह से जा मिली और यात्रा में शामिल हुई। इसके बाद जिलाध्यक्ष से सांसद कुमारी सैलजा ने दूरी बना ली।
पिछले दिनों रानियां दौरे के दौरान जिलाध्यक्ष संतोष ने भी विवादित बयान दिया कि मुझे जिलाध्यक्ष बनाने में सांसद सैलजा का कोई रोल नहीं है। पार्टी ने उसे बनाया है और वह बिना नेताओं के पार्टी के लिए काम कर रही है। इस बयान के बाद हुड्डा और सैलजा गुट से विधायक और सांसद एक हो गए और जिलाध्यक्ष से किनारा कर लिया।
तब से जिलाध्यक्ष के प्रति रोष है और ये बातें पार्टी संगठन तक जा पहुंची। इस पर पार्टी संगठन में कई बार गुटबाजी पर चर्चा भी हुई है, जिसके बाद ये कमेटी बनाई गई।
