- भड़ाना बोले- युवाओं को सिक्योरिटी सेक्टर में मिलेगा रोजगार, प्रक्रिया सरल करने की मांग
हरियाणा विधानसभा के सत्र के दौरान पानीपत जिले की समालखा विधानसभा सीट से BJP विधायक मनमोहन भड़ाना ने आर्म्स लाइसेंस की जटिल प्रक्रिया और इसके लाभों को लेकर एक अहम मुद्दा उठाया।
सदन को संबोधित करते हुए विधायक ने कहा कि हरियाणा का युवा सिर्फ प्लंबर या इलेक्ट्रीशियन बनने में रुचि नहीं रखता, बल्कि हथियार लाइसेंस मिलने से राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं। उन्होंने यहां तक भी कहा कि जब से मैं विधायक बना हूं, तब से मेरे हल्के में एक भी आर्म्स लाइसेंस नहीं बना है।
सिक्योरिटी सेक्टर में युवाओं की रुचि
विधानसभा सदन में अपनी बात रखते हुए विधायक मनमोहन भड़ाना ने कहा कि वर्तमान समय में हरियाणा का युवा केवल पारंपरिक नौकरियों जैसे प्लंबर या इलेक्ट्रीशियन के काम तक सीमित नहीं रहना चाहता। उन्होंने तर्क दिया कि यदि युवाओं को वैध आर्म्स लाइसेंस आसानी से उपलब्ध कराए जाएं, तो इससे न केवल वे अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा सुनिश्चित कर सकेंगे। बल्कि प्राइवेट सिक्योरिटी, वीआईपी सिक्योरिटी, बाउंसर और सुरक्षा एजेंसियों में रोजगार के नए अवसर भी उनके लिए खुलेंगे।
हथियार धारकों का रिकॉर्ड साफ
सदन में बयान देते हुए बीजेपी विधायक ने आर्म्स लाइसेंस धारकों को लेकर बनी आम धारणा पर भी बात रखी। उन्होंने कहा कि यदि हरियाणा में उन लोगों का रिकॉर्ड खंगाला जाए। जिनके पास वैध हथियार हैं, तो यह बात स्पष्ट हो जाएगी कि हथियार रखने वाले अधिकतर लोगों पर कोई आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं होता है।
लाइसेंस धारक कानून का पालन करने वाले और जिम्मेदार नागरिक होते हैं।
लाइसेंस प्रक्रिया की जटिलता पर सवाल
विधायक भड़ाना ने आर्म्स लाइसेंस बनाने की मौजूदा प्रशासनिक प्रक्रिया पर चिंता व्यक्त करते हुए इसे बेहद कठिन और थकाऊ बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में नया आर्म्स लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया इतनी जटिल है कि आवेदक को अलग-अलग दफ्तरों और अधिकारियों के चक्कर काटने पड़ते हैं।
तमाम कागजी कार्रवाई और सिफारिशें लगाने के बावजूद आम नागरिक जटिल नियमों के कारण अपना लाइसेंस नहीं बनवा पाता। इससे लोगों को काफी निराशा का सामना करना पड़ता है।
सरकार से पुरजोर मांग
- आर्म्स लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी और सरल बनाया जाए।
- आम नागरिकों और युवाओं को बेवजह के प्रशासनिक चक्करों से राहत दी जाए।
- आवेदनकर्ताओं को बेशक 3 से 6 माह की प्रॉपर ट्रेनिंग दी जाए।
सुरक्षा के साथ-साथ रोजगार का साधन
विधायक मनमोहन भड़ाना ने अपने संबोधन का समापन करते हुए कहा कि हथियार केवल आत्मरक्षा का माध्यम नहीं है, बल्कि यह युवाओं को स्वावलंबी बनाने और सुरक्षा क्षेत्र में रोजगार पाने का एक बड़ा जरिया बन सकता है। इसलिए सरकार को जनहित और युवा हित को ध्यान में रखते हुए लाइसेंस नियमों में आवश्यक ढील और सरलता लानी चाहिए।
