• विधायकों और नेताओं से लिया फीडबैक

हरियाणा में कांग्रेस जिलाध्यक्ष को लेकर पार्टी संगठन में गुटबाजी को देखते हुए सीडब्ल्यूसी ने हलकों से फीडबैक की रिव्यू रिपोर्ट हाईकमान हरियाणा प्रभारी और राष्ट्रीय अध्यक्ष खड़गे को भेज दी है। सीडब्ल्यूसी कमेटी ने उन सभी जिलों से नया पैनल भेजा हैं, जहां-जहां पर आपसी खींचतान चल रही थी। इसी आधार पर नए जिलाध्यक्ष चुने जाएंगे। इस बार सांसद व विधायकों की ही चलेगी।

कमेटी के अनुसार, अगर सिरसा जिले की बात करें, तो 6 नामों का पैनल भेजा गया है, जिसमें कांग्रेस नेता राजकुमार शर्मा समेत अन्य नेता शामिल है। बाकी के नाम गुप्त रखे गए हैं। वर्तमान जिलाध्यक्ष संतोष बेनीवाल के नाम का नए पैनल में खास जिक्र नहीं है। एक तरह से अंतिम पंक्ति में रखा गया है। कमेटी ने हर विधायक, उम्मीदवार और सीनियर नेता से नए प्रधान को लेकर चर्चा की है।

अभी तक सूत्रों की मानें तो वर्तमान जिलाध्यक्ष को लेकर पार्टी समर्थकों ने नाराजगी व्यक्त की है। उनके अनुसार, जो नामों पर चर्चा हुई, उनका पैनल हाईकमान को भेजा गया है। खास बात है कि विधायक और सांसद ही नए जिलाध्यक्ष को लेकर नाम तय करेंगे, उन्हीं ही राय के अनुसार नया जिलाध्यक्ष नियुक्त किया जाएगा।

संतोष इकलौती महिला प्रधान थी

दरअसल, संतोष बेनीवाल प्रदेश में कांग्रेस की ओर से जिलाध्यक्षों में इकलौती महिला प्रधान थी। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी हरियाणा दौरे के दौरान संतोष बेनीवाल को नारी सशक्ति बताते हुए पार्टी को मजबूत करने के टिप्स बताए थे।

संतोष बेनीवाल से अकेले में ली थी राय

पार्टी संगठन को लेकर सीडब्ल्यूसी कमेटी में मेंबर एवं पूर्व मंत्री यशोमति ठाकुर ने स्वयं वर्तमान प्रधान संतोष बेनीवाल से बात की थी। उसमें संगठन नेतृत्व को लेकर विचार-विमर्श किया गया। इसका उद्देश्य है कि किसी को अपना पक्ष रखने से वंचित न रखा जाए। पूर्व मंत्री ठाकुर ने संतोष बेनीवाल से अकेले में चर्चा की है।

कमेटी के सिरसा आने पर राजू शर्मा दिखे थे एक्टिव

इस कमेटी के सिरसा आने पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजकुमार शर्मा और सैलजा गुट एक्टिव दिखे थे। राजकुमार शर्मा ने सबसे पहले कमेटी की मेंबर एवं पूर्व मंत्री यशोमति का कांग्रेस भवन में आने पर बुके भेंटकर स्वागत किया था। इसके बाद जिलाध्यक्ष संतोष बेनीवाल व अन्य ने उनका बुके भेंट कर स्वागत किया था।

सिरसा विधायक ने नहीं रखा नाम

सिरसा विधायक गोकुल सेतिया ने किसी समर्थक का नाम नहीं रखा। टीम नेतृत्व पर ही जिम्मेदारी सौंप दी है। सांसद व कालांवाली विधायक शीशपाल ने एक ही नेता का नाम रखा है, उनकी जानकारी गुप्त रखी है। ऐलनाबाद विधायक भरत सिंह बेनीवाल, रानियां उम्मीदवार रहे सर्वमित्र कंबोज व बाकी सीनियर नेताओं के साथ मीटिंग कर 6 नामों का पैनल तैयार किया जाएगा।

नाराजगी की चल रही थी अटकलें

दरअसल, पिछले कई दिनों से कांग्रेस में कुछ जिलाध्यक्षों के प्रति विधायकों एवं वर्करों की नाराजगी पर उनके बदलने की अटकलें चल रही है। इस पर पार्टी संगठन मीटिंग में कई बार चर्चा हुई। गत मीटिंग के दौरान कुछ जिलाध्यक्षों ने भी खुलकर विचार रखें कि अगर पार्टी को लगता है कि वे गलत है, तो इसके लिए कमेटी बनाकर जांच कराए, उसमें सबका पता चल जाएगा।

इसके बाद ये कमेटी हर जिले में भेजी गई। उसके बाद कमेटी ने संगठन को मजबूत बनाने व संगठनात्मक कार्रवाई के तहत सभी जिलों में हलकों में जाकर नेताओं व पार्टी वर्करों से फीडबैक लिया है।