- संगठन मजबूत करने की तैयारी
हरियाणा की सत्ता में वापसी की राह तलाश रही जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) अब अहीरवाल में अपनी सियासी जमीन मजबूत करने की तैयारी में है। पार्टी ने अपने नौवें स्थापना दिवस के आयोजन के लिए महेंद्रगढ़ जिले को चुना है।
दुष्यंत चौटाला और डॉ. अजय सिंह चौटाला की क्षेत्र में बढ़ती सक्रियता के बीच इस फैसले को दक्षिण हरियाणा में संगठन विस्तार की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव में खाता नहीं खोल पाने वाली जेजेपी के सामने सबसे बड़ी चुनौती आयोजन में भीड़ जुटाने से आगे बढ़कर उसे स्थायी जनसमर्थन में बदलने की होगी।
भाजपा के मजबूत गढ़ में जगह बनाने की चुनौती
अहीरवाल में पिछले एक दशक के दौरान भाजपा ने मजबूत राजनीतिक आधार बनाया है। वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव में गुरुग्राम, रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ क्षेत्र की 11 सीटों में से 10 पर भाजपा ने जीत दर्ज की थी। कांग्रेस भी इस क्षेत्र में प्रमुख राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी है। ऐसे में जेजेपी के लिए अपनी अलग पहचान बनाना आसान नहीं होगा।
2019 में सत्ता की भागीदार, 2024 में खाली हाथ
वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा के साथ सरकार में शामिल होकर जेजेपी ने सत्ता में भागीदारी हासिल की थी। लेकिन 2024 के विधानसभा चुनाव में पार्टी एक भी सीट नहीं जीत सकी। इस नतीजे ने जेजेपी के सामने संगठन को दोबारा खड़ा करने और पुराने समर्थकों को जोड़े रखने की चुनौती बढ़ा दी।
अब पार्टी दक्षिण हरियाणा में सक्रियता बढ़ाकर नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने की कोशिश में है।
6 दिसंबर को स्थापना दिवस, भीड़ से आगे की परीक्षा
जेजेपी 6 दिसंबर को महेंद्रगढ़ जिले में अपना नौवां स्थापना दिवस मनाने की तैयारी कर रही है। आयोजन में जुटने वाली भीड़ पार्टी के लिए उत्साह का संकेत हो सकती है, लेकिन उसकी राजनीतिक सफलता का आकलन इसके बाद होगा। पार्टी को गांवों और बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करना होगा।
युवाओं के रोजगार, किसानों की समस्याओं और स्थानीय विकास जैसे मुद्दों पर लगातार सक्रियता भी जरूरी होगी।
नेताओं की सक्रियता को जनसमर्थन में बदलना होगा
अहीरवाल में जेजेपी के सामने भाजपा के मजबूत जनाधार और कांग्रेस की मौजूदगी के बीच अपनी जगह बनाने की दोहरी चुनौती है। इसके लिए केवल बड़े आयोजन और शीर्ष नेताओं के दौरे पर्याप्त नहीं होंगे। पार्टी को स्थानीय नेतृत्व तैयार करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय रखने और मतदाताओं के बीच लगातार संपर्क बनाए रखने की जरूरत होगी।
स्थापना दिवस यदि संगठन विस्तार और जनसंपर्क अभियान की शुरुआत बनता है, तो जेजेपी भविष्य में मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश कर सकती है। लेकिन सक्रियता आयोजन तक सीमित रही, तो सियासी जमीन मजबूत करने का लक्ष्य अधूरा रह सकता है।
जल्द जगह की जाएगी निर्धारित
जेजेपी जिला अध्यक्ष राजकुमार खातोद का कहना है कि प्रदेश नेतृत्व के निर्देशानुसार कार्यक्रम की तैयारियां शुरू कर दी है। कार्यक्रम स्थल अभी फाइनल नही हुआ है। पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से रायशुमारी की जा रही है। इसके बाद ही जगह फाइनल की जाएगी। कार्यक्रम में प्रदेशभर से जननायक जनता पार्टी के कार्यकर्ता पहुंचेगे। इस कार्यक्रम के बाद प्रदेश की राजनीति में बदलाव आना शुरू होगा
