- सुरुचि फोगाट और कमलजीत को दी बधाई
झज्जर में सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा मंगलवार को गांव सासरौली में आयोजित स्वागत समारोह में पहुंचे। यहां उन्होंने एशियन गेम्स 2026 की 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम स्पर्धा के स्वर्ण पदक विजेता सुरुचि फोगाट और कमलजीत सिंह (सुलखा, रेवाड़ी) को बधाई दी। इस दौरान उन्होंने हरियाणा की खेल नीति, खिलाड़ियों के भविष्य और कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी को लेकर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा।
दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि देश की आबादी में हरियाणा की हिस्सेदारी करीब 2% है, लेकिन एशियन गेम्स में भारत को मिले 21 स्वर्ण पदकों में से 15 पदकों में हरियाणा के खिलाड़ियों ने व्यक्तिगत या टीम स्पर्धाओं में अहम भूमिका निभाई। ऐसे में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी हरियाणा को मिलनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हरियाणा के खिलाड़ी पदक जीतकर देश का नाम रोशन कर रहे हैं, लेकिन बड़े खेल आयोजनों की मेजबानी दूसरे राज्यों को देने की बात हो रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब हरियाणा के खिलाड़ी देश को इतने पदक दिला रहे हैं, तो कॉमनवेल्थ गेम्स यहां क्यों नहीं कराए जा रहे?
पदक लाओ, पद पाओ’ नीति बहाल करने की मांग
सांसद ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के समय शुरू की गई ‘पदक लाओ, पद पाओ’ नीति को दोबारा लागू किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, इस नीति से पदक जीतने वाले खिलाड़ियों का भविष्य सुरक्षित होता है और युवाओं को खेलों में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने वर्ष 2015 में इस नीति को बंद कर दिया था, जबकि उत्तर प्रदेश समेत कई अन्य राज्यों में इस तरह की नीति को अपनाया गया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धियों के अनुसार सम्मान और अवसर मिलने चाहिए।
कॉमनवेल्थ गेम्स पर गुजरात को लेकर उठाए सवाल
दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि यदि कॉमनवेल्थ गेम्स हरियाणा में आयोजित होते हैं, तो प्रदेश में स्टेडियम, खेल अकादमी, स्पोर्ट्स विलेज, सड़कें और मेट्रो जैसी सुविधाओं के विकास को बढ़ावा मिलेगा। इससे खिलाड़ियों के साथ-साथ प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी फायदा होगा। उन्होंने भाजपा सरकार पर बड़े आयोजनों और परियोजनाओं को गुजरात की ओर ले जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि खेलों की मेजबानी का फैसला राजनीतिक आधार पर नहीं, बल्कि खिलाड़ियों के प्रदर्शन और योग्यता के आधार पर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हरियाणा के खिलाड़ी बड़ी संख्या में स्वर्ण पदक जीत रहे हैं, इसलिए प्रदेश को कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी का अवसर मिलना चाहिए।
युवाओं के भविष्य को लेकर सरकार पर निशाना
दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि भारत दुनिया के सबसे बड़े युवा आबादी वाले देशों में शामिल है। युवाओं का रोजगार, शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था पर भरोसा कायम रहना जरूरी है। उन्होंने नीट परीक्षा से जुड़े विवाद और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग का जिक्र करते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि जब युवा रोजगार, शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाने लगें, तो सरकार को उनकी चिंताओं का जवाब देना चाहिए। उनके अनुसार, युवाओं के भविष्य और उनके सपनों को सुरक्षित करना किसी भी सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए खेलों को प्रोत्साहन देने, पदक विजेताओं का भविष्य सुरक्षित करने और हरियाणा को बड़े खेल आयोजनों की मेजबानी दिलाने की मांग दोहराई।
1 नवंबर की रैली में पहुंचने का आह्वान
सासरौली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान दीपेंद्र हुड्डा ने कांग्रेस की ओर से 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की। उन्होंने चुनाव आयोग और भाजपा की कथित मिलीभगत के खिलाफ संघर्ष का आह्वान किया। उन्होंने आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं और चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित किया जा रहा है। उन्होंने हरियाणा में कथित वोट चोरी के मुद्दे का जिक्र करते हुए कहा कि इस विषय पर कांग्रेस लगातार सवाल उठा रही है।
