हरियाणा : ब्रेकिंग न्यूज : करनाल पहुंचे कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने संसद की कार्यप्रणाली और केंद्र सरकार की नीयत पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि संसद में सरकार का लोकतांत्रिक व्यवहार साफ नजर आया है। विपक्ष के नेता राहुल गांधी को सदन में बोलने नहीं दिया गया। आदेश दिया गया कि वे केवल उन्हीं विषयों पर बोल सकते हैं, जिन पर सरकार की सहमति हो।
ऐसे में सवाल उठता है कि अगर सरकार की अनुमति और सहमति से ही बोलना है तो विपक्ष की जरूरत ही क्या है। फिर सत्ता पक्ष से ही काम चला लिया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस जनता के मुद्दे उठाती रहेगी और यही उनका संकल्प है।
राहुल गांधी को बोलने से रोका गया, प्रधानमंत्री नहीं आए सदन में
दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि यह पहली बार हुआ है जब प्रधानमंत्री सदन में अपना वक्तव्य देने नहीं आए। उन्होंने कहा कि यह बात कांग्रेस ने नहीं, बल्कि लोकसभा अध्यक्ष ने अपनी सीट पर बैठकर कही कि प्रधानमंत्री कांग्रेस की महिला सांसदों की नारेबाजी से घबराकर नहीं आए। हुड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री को नारेबाजी का डर नहीं था, बल्कि असली डर सच का था। वह सच यह है कि भारत-अमेरिका की डील में देश को नुकसान हुआ है।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील से किसानों और टैक्सटाइल सेक्टर को नुकसान
कांग्रेस सांसद ने कहा कि टैरिफ के मामले में देश के किसानों और टैक्सटाइल सेक्टर को भारी नुकसान झेलना पड़ा है। ट्रेड डील में हर तरह से देश को घाटा हुआ है। अब प्रधानमंत्री को बताना चाहिए कि ऐसी कौन-सी मजबूरी थी, जिसके चलते देश को इतना नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि सरकार को इस पर जवाब देना होगा।
पेंशन, बीपीएल और जनता की जेब काटने वाली सरकार
बुजुर्गों की पेंशन काटे जाने के सवाल पर उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह पेंशन काटू, बीपीएल कार्ड काटू, वोट काटू और जनता की जेब काटू वाली सरकार है। उन्होंने कहा कि चार दिन पहले जब कांग्रेस ने धरना देने की घोषणा की, तभी सरकार हरकत में आई।
आज सरकार ने अखबार में यह खबर निकलवाई है कि पेंशन नहीं काटी जाएगी और सभी के खातों में पेंशन आएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने फिर से पेंशन काटने की बात की तो अगला पड़ाव चंडीगढ़ होगा और मुख्यमंत्री नायब सैनी को इसकी जिम्मेदारी लेनी होगी।
हरियाणा पर ध्यान दें मुख्यमंत्री, ध्यान बंटा हुआ है
पंजाब की महिला विधायक द्वारा हरियाणा के मुख्यमंत्री पर लगाए गए आरोपों के सवाल पर दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि यह मामला दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा कि वे हरियाणा पर ध्यान दें। उनका ध्यान बंटा हुआ है। कभी बिहार तो कभी पंजाब पर ध्यान देते हैं। अगर वे पंजाब पर ध्यान देंगे तो हरियाणा पर ध्यान कौन देगा।
