- 2 सीटों के लिए 16 मार्च को वोटिंग
- पूर्व सांसद की करनाल लोकसभा सीट से कटी थी टिकट
हरियाणा में होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने पूर्व सांसद संजय भाटिया को उम्मीदवार बनाया है। मंगलवार दोपहर को अलग-अलग राज्यों के उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की।
सांसद किरण चौधरी और रामचंद्र जांगड़ा का कार्यकाल 9 अप्रैल तक है। अभी ये दोनों सीटें भाजपा के पास हैं। दोनों सीटों के लिए 16 मार्च को चुनाव है। 5 मार्च को नामांकन दाखिल करने का आखिरी दिन है।
भाजपा और कांग्रेस के खाते में एक-एक सीट आ सकती है। अभी कांग्रेस की तरफ से उम्मीदवार की घोषणा नहीं की गई है।
संजय भाटिया 2019 में करनाल से सांसद बने थे। 2024 लोकसभ चुनाव में भाटिया का टिकट कट गया था। इनकी जगह मनोहर लाल खट्टर को उम्मीदवार बनाया गया था।
पहले राज्यसभा उम्मीदवार संजय भाटिया के बारे में जानिए….
कॉलेज टाइम में ABVP से जुड़े
संजय भाटिया पानीपत के मॉडल टाउन के रहने वाले हैं। उन्होंने पानीपत के आईबी कॉलेज से बीकॉम की थी। कॉलेज के समय से ही वे बीजेपी की छात्र शाखा ABVP से जुड़े रहे। 1987 में वे मंडल सेक्रेटरी बने और 1989 में ABVP के जिला महासचिव बने। 1998 में उन्हें BJP युवा मोर्चा का राज्य महासचिव बनाया गया।
2019 में जीत का अंतर देश में दूसरे नंबर पर रहा
वह हरियाणा खादी और ग्राम उद्योग बोर्ड के अध्यक्ष भी रहे। 2019 के लोकसभा चुनाव में वह करनाल से सांसद बने। भाटिया की जीत का अंतर वोटों के लिहाज से देश में दूसरे नंबर पर रहा था। उन्हें 70 फीसदी से ज्यादा वोट मिले। उन्हें 9 लाख 11 हजार 594 वोट मिले। उन्होंने कांग्रेस के कुलदीप शर्मा को 6 लाख 56 हजार 142 वोटों से हराया। तब गुजरात के नवसारी से भाजपा के सीआर पाटिल की जीत सबसे बड़ी थी। वह 6,89,668 वोटों के अंतर से जीते थे।
टिकट कटने के बाद से संगठन में सक्रिय
2024 में अचानक मनोहर लाल खट्टर की जगह नायब सैनी को मुख्यमंत्री बनाया गया। इसके बाद इसी साल हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा ने करनाल से संजय भाटिया का टिकट काटकर मनोहर लाल खट्टर को दे दिया। इसके बाद संजय भाटिया को विधानसभा चुनाव भी नहीं लड़वाया गया। इसके बाद से वह संगठन में सक्रिय थे।
अब जानिए दोनों सीटों के लिए क्या गणित…..
एक उम्मीदवार को जीतने के लिए 31 कोटा वोट
हरियाणा विधानसभा में कुल 90 वैध मत हैं, जिनमें भाजपा के 48, कांग्रेस के 37, निर्दलीय 3 और इनेलो के 2 वोट शामिल हैं। राज्यसभा की 2 सीटों के लिए चुनाव होने हैं, और जीत का कोटा निकालने का फॉर्मूला है: कुल वैध मत ÷ (रिक्त सीटें + 1) + 1, यानी (90 ÷ 3) + 1 = 31। इसका मतलब है कि किसी भी उम्मीदवार को जीतने के लिए कम से कम 31 कोटा वोट चाहिए।
कांग्रेस-भाजपा को एक-एक सीट की उम्मीद
पहले राउंड में, यदि भाजपा अपने 2 उम्मीदवार उतारती है और कांग्रेस 1 उम्मीदवार उतारती है, तो भाजपा अपने एक उम्मीदवार को 31 वोट देकर जिता सकती है, जिसके बाद उसके पास 17 वोट बचेंगे। वहीं, कांग्रेस अपने उम्मीदवार को 31 वोट देकर आसानी से जिता सकती है, जिसके बाद उसके पास 6 वोट बचेंगे। इस गणित के अनुसार, पहली सीट भाजपा और दूसरी सीट कांग्रेस की लगभग पक्की दिखती है।
दूसरी सीट के लिए भाजपा को 9 क्रॉस वोट चाहिए
अब, भाजपा के पास 17, कांग्रेस के पास 6, निर्दलीय 3 और इनेलो के पास 2 वोट शेष बचते हैं, जिनका कुल योग 28 होता है, जो कि जीत के लिए आवश्यक 31 के कोटे से कम है। यदि निर्दलीय (3) और इनेलो (2) भाजपा के साथ चले जाएं, तो भी भाजपा के पास केवल 22 वोट होंगे, जो कि 31 से कम हैं। अगर कांग्रेस के 6 वोट भी हथिया ले, तो भी कुल 28 वोट ही होंगे। इसलिए, भाजपा को दूसरी सीट जीतने के लिए 9 क्रॉस वोट चाहिए होंगे, जिससे उसके पास 17 + 3 + 2 + 9 = 31 वोट हो जाएंगे।
