• राहुल गांधी ने नाम सुझाया, पार्टी के OBC नेताओं में बेचैनी
  • BJP का संजय पर दांव

हरियाणा कांग्रेस ने कर्मवीर सिंह बौद्ध को राज्यसभा प्रत्याशी बनाया है। यह उनका पहला चुनाव होगा। बताया जा रहा है कि राहुल गांधी ने उनका नाम सुझाया। भाजपा पहले ही पूर्व सांसद संजय भाटिया को राज्यसभा में भेजने की तैयारी कर चुकी है। आज (वीरवार) नॉमिनेशन का आखिरी दिन है।

अभी किसी तीसरे प्रत्याशी का नाम सामने नहीं आया है। 11 से 3 बजे नामांकन का समय है। यदि यही दोनों नाम रहे तो भाजपा व कांग्रेस में एक-एक सीट बंटेंगी। तीसरी प्रत्याशी आने की स्थिति में 16 मार्च को चुनाव होगा। कांग्रेस में एक धड़ा OBC वर्ग के लिए टिकट मांग रहा था। ये लोग महेंद्रगढ़ के पूर्व विधायक राव दान सिंह की पैरवी कर रहे थे। इनमें अब बेचैनी है।

कांग्रेस ने तय किया था कि अनुसूचित जाति (SC) वर्ग से ही प्रत्याशी देंगे। इसके लिए कर्मवीर सिंह बौद्ध, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष उदय भान, पूर्व विधायक जयवीर वाल्मीकि और पूर्व सांसद अशोक तंवर के नामों की चर्चा चली। फाइनली कर्मवीर के नाम पर मुहर लगी।

जानिये कौन हैं कर्मवीर बौद्ध…

एडीओ के पद से रिटायर हुए, पत्नी लेबर डिपार्टमेंट में तैनात
कर्मबीर बौद्ध हरियाणा के अंबाला के रहने वाले हैं। वे हरियाणा सिविल सचिवालय से करीब 4 साल पहले प्रशासनिक अधिकारी (एडीओ) के पद से सेवानिवृत्त हुए। इनकी पत्नी लेबर डिपार्टमेंट में असिस्टेंट हैं। कर्मवीर, सचिवालय में खरीद-फरोख्त को देखते थे और केयरटेकर रहे।

भाजपा उम्मीदवार संजय भाटिया के बारे में जानिए….

कॉलेज टाइम में ABVP से जुड़े
संजय भाटिया पानीपत के मॉडल टाउन के रहने वाले हैं। उन्होंने पानीपत के आईबी कॉलेज से बीकॉम की थी। कॉलेज के समय से ही वे बीजेपी की छात्र शाखा ABVP से जुड़े रहे। 1987 में वे मंडल सेक्रेटरी बने और 1989 में ABVP के जिला महासचिव बने। 1998 में उन्हें BJP युवा मोर्चा का राज्य महासचिव बनाया गया।

2019 में जीत का अंतर देश में दूसरे नंबर पर रहा
वह हरियाणा खादी और ग्राम उद्योग बोर्ड के अध्यक्ष भी रहे। 2019 के लोकसभा चुनाव में वह करनाल से सांसद बने। भाटिया की जीत का अंतर वोटों के लिहाज से देश में दूसरे नंबर पर रहा था। उन्हें 70 फीसदी से ज्यादा वोट मिले। उन्हें 9 लाख 11 हजार 594 वोट मिले। उन्होंने कांग्रेस के कुलदीप शर्मा को 6 लाख 56 हजार 142 वोटों से हराया। तब गुजरात के नवसारी से भाजपा के सीआर पाटिल की जीत सबसे बड़ी थी। वह 6,89,668 वोटों के अंतर से जीते थे।

टिकट कटने के बाद से संगठन में सक्रिय
2024 में अचानक मनोहर लाल खट्‌टर की जगह नायब सैनी को मुख्यमंत्री बनाया गया। इसके बाद इसी साल हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा ने करनाल से संजय भाटिया का टिकट काटकर मनोहर लाल खट्‌टर को दे दिया। इसके बाद संजय भाटिया को विधानसभा चुनाव भी नहीं लड़वाया गया। इसके बाद से वह संगठन में सक्रिय थे।

सस्पेंड हुए तो बिना प्रमोशन ही रिटायर हुए
कर्मबीर बौद्ध हरियाणा सिविल सचिवालय से करीब 4 साल पहले एडीओ के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। कर्मवीर सचिवालय में खरीद-फरोख्त को देखते थे, केयरटेकर थे। एक बार कुछ पंगा पड़ गया। आरोप-प्रत्यारोप लगे तो फिर कथित तौर पर स्टोर में आग लगी गई। इसके बाद तत्कालीन चीफ सेक्रेटरी ने इनको सस्पेंड कर दिया था। इसके बाद आगे कोई प्रमोशन नहीं हुआ और ये एडीओ के पद से ही सेवानिवृत्त हो गए।

किभी गुट या खेमें से जुड़ाव नहीं, इसलिए प्रबल दावेदार
कर्मवीर सिंह बौद्ध कांग्रेस में किसी भी गुट या खेमे से जुड़े हुए नेता नहीं माने जाते। यही कारण है कि उन्हें संगठन के भीतर एक संतुलित और सर्व स्वीकार्य चेहरे के रूप में देखा जा रहा है। वे ‘संविधान बचाओ अभियान’ में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं और जमीनी स्तर पर पार्टी के कार्यक्रमों में भागीदारी निभाते रहे हैं। एससी समुदाय से आने वाले कर्मवीर सिंह बौद्ध को सामाजिक संतुलन के नजरिये से भी एक अहम दावेदार माना जा रहा है।

अब जानिये…बौद्ध को प्रत्याशी
बनाने की 3 बड़ी वजहपहली, वे एससी समाज से हैं। दूसरा, वो हरियाणा सिविल सचिवालय में एडीओ रह चुके हैं। वो अनुसूचित समाज, वंचितो और कर्मचारियों की आवाज उठाने का काम करते रहे हैं। तीसरा, वो बीते साल हरियाणा की राजनीति में भूचाल ला देने वाले आईपीएस वाई पूरन कुमार सुसाइड केस में कथित आंदोलन के वे अगुवा रहे। इनसे सबसे जरूरी बात यह रही कि वे काफी समय से राहुल गांधी की टीम के संपर्क में हैं। उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर भी राहुल के कार्यक्रमों की तस्वीरें दिखती हैं।