- इससे बड़ा संकट नहीं, सतीश पूनिया ने खोले 3 मेयर के राज
हरियाणा BJP के प्रदेश प्रभारी सतीश पूनिया ने अंबाला, पंचकूला और सोनीपत की मेयर का राज सभी के सामने खोल दिया। मौका था पंचकूला में नवनिर्वाचित मेयर और पार्षदों के सम्मान समारोह का। उन्होंने ऐसे-ऐसे किस्से सुनाए कि मंच पर मौजूद सीएम नायब सैनी मुस्कुराते दिखे।
प्रभारी सतीश पूनिया ने इसकी शुरूआत संगठन मंत्री फणिंद्रनाथ से की। उन्होंने उनकी धोती पर कमेंट करते हुए कहा कि आज तो देख कर ऐसा लग रहा है कि पता नहीं धोती में दादा है या फिर दादा में धोती। थोड़ी सी जगह में सारे ठाठ कर रखे हैं।
सोनीपत मेयर प्रत्याशी राजीव जैन के लिए कहा- लुगाई मंत्री बन जाए, आदमी के जीवन में इससे बड़ा संकट नहीं हो सकता। पंचकूला से जीते श्यामलाल बंसल इस बार टिकट मांगने का किस्सा सुनाया। कहा- सीएम, अध्यक्ष और चुनाव समिति ने श्यामलाल जी का कुंवारपना उतार दिया। अंबाला मेयर के किस्से पर समारोह में मौजूद सभी लोगों ने खूब ठहाके लगाए।
अब जानिए सोनीपत, पंचकूला व अंबाला मेयर के किस्से….
लुगाई मंत्री बन जाए, इससे बड़ा संकट नहीं
सोनीपत मेयर को लेकर कहा कि राजीव जैन लंबे समय से राजनीति में थे लेकिन दिक्कत यह हो गई कि घरवाली मंत्री बन गई। आदमी के जीवन में इससे बड़ा संकट नहीं हो सकता। 2014 के विधानसभा चुनाव के दौरान टिकट खुद की मांगने गए और घरवाली को टिकट दे दिया। लुगाई को चुनाव लड़वाना भी टेढी खीर है। जीत जाए तो डायरी लेकर पीछे-पीछे घूमना पड़ता है। अगर हार जाए तो रोटी खाने के समय कहेगी कि तेरी वजह से हारी। राजीव ने बड़े स्मार्ट तरीके से इसका बदला लिया है। इन्होंने भी तय कर लिया कि एक बार नहीं 2 बार मेयर बनना है। आदमी 2 बार मेयर बन जाए तो मंत्री के बराबर हो जाता है। बता दें कि राजीव जैन की पत्नी कविता भाजपा सरकार की पहली टर्म में महिला एवं बाल विकास मंत्री थीं।
श्यामलाल की जीत से मोक्ष की प्राप्ति हो गई
पंचकूला मेयर प्रत्याशी शामलाल बंसल को लेकर प्रभारी सतीश पूनिया ने कहा कि शामलाल जी की जीत से मुझे लगा कि उन्हें मोक्ष की प्राप्ति हो गई। ईमानदारी से मुझे भी दया सी आने लगी थी। इन्होंने टिकट भी बड़े मासूमियत से मांगा था। इन्होंने कहा था कि साहब 3 बार हार चुका हैं, एक बार जीत के समय भी दे दो। सीएम, अध्यक्ष और चुनाव समिति ने शामलाल जी का कुंवारपना उतार दिया। इनकी जीत से सबको खुशी हुई।
अक्षिता में बनने से पहले रूतबा आ गया
अंबाला मेयर अक्षिता सैनी को लेकर कहा कि इनको मैं ज्यादा तो नहीं जानता। लेकिन आदमी को कुर्सी कैसे रूतबा दे देती है, इसका एक उदाहरण बताता हूं। मेरे पास इनका फोन आया, अननोन नंबर था लेकिन मैं उठा लेता हूं। इन्होंने सीधे ही कहा कि लो बात करो, कौन बात कर रहा है, किससे बात करवा रहा है, ये पता ही नहीं था। कोई वोट देने वाले थे वो इनके पास आ गए, कहने लगे कि किसी जिम्मेदार आदमी से बात करवाओ। इन्होंने मेरा नंबर लिया और मिला दिया। मैंने भी कह दिया कि वोट दे देना। यानि कुर्सी का प्रभाव यह होता है कि रूतबा पहले ही विकसित हो जाता है। कम उम्र में और अंबाला जैसी जगह पर मेयर बनी हैं।
भिवानी जिलाध्यक्ष को नाम लेकर कुर्सी से खड़ा किया
BJP के प्रदेश प्रभारी सतीश पूनिया यहीं नहीं रुके, उन्होंने भिवानी के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र कौशिक का नाम लेकर उन्हें खड़ा किया। उनकी ओर इशारा करते हुए बोले- भिवानी वाले जिलाध्यक्ष और दादा को आमने-सामने खड़ा कर दिया जाए तो लोग कहेंगे कि BJP तो सभी को एक साथ लेकर चलती है।
मंत्री अरविंद शर्मा की तारीफ की
हरियाणा निकाय चुनाव में BJP ने 6 मंत्रियों की ड्यूटियां लगाई थी। मैंने अरविंद शर्मा को सांपला की जिम्मेदारी लगाने के लिए फोन किया, पहले मैंने यह भी सोचा कि छोटा शहर है, मंत्री पता नहीं क्या सोचेगा। मैंने फोन कर सांपला की जिम्मेदारी संभालने के लिए कहा तो वे बोले की सांपला में ही हूं। सांपला में आज 8वीं बार आया हूं। ये जज्बा होता है BJP में काम करने वालों का। इनके नाम की ताली बजाओ एक बार।
