- रेखा शर्मा के बयान के बाद डैमेज कंट्रोल की कोशिश
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल की आज 15वीं पुण्यतिथि है। इस अवसर पर बिश्नोई परिवार की ओर से आदमपुर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम रखा गया। यहां मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी शामिल हुए। उन्होंने समाथि स्थल की परिक्रमा की। बिश्नोई परिवार के साथ वह 20 मिनट बैठे। इसके बाद वह मीडिया से बिना बात किए ही चले गए।
गौरतलब है कि 24 अप्रैल को भाजपा सांसद रेखा शर्मा ने चौधरी भजनलाल को लेकर विवादित बयान दिया था, जिसके बाद प्रदेश की राजनीति में घमासान मच गया था। कुलदीप बिश्नोई के बड़े भाई और कांग्रेस विधायक चंद्रमोहन ने इस मामले में भाजपा सरकार को घेरते हुए रेखा शर्मा को कानूनी नोटिस भी भेजा गया था।
रेखा शर्मा के बयान और पार्टी की ओर से कोई कार्रवाई नहीं होने से कुलदीप बिश्नोई की नाराजगी भी सामने आई थी। हालांकि बाद में रेखा शर्मा ने अपने बयान पर माफी मांग ली थी। इसके बाद 1 जून को मुख्यमंत्री नायब सैनी खुद दिल्ली स्थित कुलदीप बिश्नोई के आवास पर उनसे मिलने पहुंचे थे। ऐसे में मुख्यमंत्री का पुण्यतिथि कार्यक्रम में शामिल होना भाजपा के डैमेज कंट्रोल प्रयासों से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
श्रद्धांजलि सभा में आए समर्थकों की दो बातें…
जहां बिश्नोई परिवार जाएगा, वहां हम
श्रद्धांजलि सभा में पहुंचे चौधरी भजनलाल के समर्थक बलवंत ने कहा, “हम इस परिवार के साथ हैं। भजनलाल परिवार से हमारी भावनात्मक जुड़ाव है। हमारी किसी से कोई नाराजगी नहीं है और न ही हमें किसी पार्टी से कोई लेना-देना है। यह परिवार जहां जाएगा, हम भी उसके साथ खड़े रहेंगे।”
हम कुलदीप बिश्नोई के साथ हैं
फतेहाबाद से आए लवली मेहता ने कहा कि चौधरी भजनलाल 36 बिरादरी के नेता थे और उनका कोई मुकाबला नहीं था। उन्होंने कहा, “आज मुख्यमंत्री नायब सैनी का कार्यक्रम में आना अच्छा लगा। हम हर साल उनकी पुण्यतिथि में शामिल होते हैं। चौधरी भजनलाल ने क्षेत्र और प्रदेश के लिए बहुत काम किए हैं। हम आज भी चौधरी कुलदीप बिश्नोई के साथ हैं।”
रेखा शर्मा ने कहा था- भजनलाल बदमाशी कर चुनाव जीते
भाजपा की राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा ने 24 अप्रैल को पंचकूला में कहा था कि पहले पंचकूला में भजनलाल और चंद्रमोहन की बदमाशी चलती थी और वे बदमाशी करके चुनाव जीतते थे। इस बयान के बाद कुलदीप बिश्नोई ने भी रेखा शर्मा से सार्वजनिक माफी की मांग की। बाद में चंद्रमोहन ने उनके खिलाफ कानूनी नोटिस भेजा और अदालत का रुख किया।
विवाद बढ़ने पर 15 मई को रेखा शर्मा ने माफी मांग ली थी। साथ ही कहा था कि मेरे शब्दों को तरोड़ मरोड़ कर पेश किया गया। इसके बाद कुलदीप बिश्नोई ने भी रेखा शर्मा को माफ कर दिया था।
