• अध्यक्ष बदलने को राव नरेंद्र ने बताया अफवाह

हरियाणा में करनाल के जाट भवन में आज कांग्रेस के सभी जिला अध्यक्षों की रिव्यू मीटिंग का आयोजन किया है। जिसमें प्रदेश भर से 22 जिलों के अध्यक्ष शामिल में हुई। मीटिंग की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह व सह प्रभारी जितेंद्र बघेल ने की। बैठक में संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और पार्टी की नीतियों को आम लोगों तक पहुंचाने पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में आगामी रणनीति, जनसंपर्क बढ़ाने और विभिन्न मुद्दों पर जनता के बीच जाने की योजना बनाई गई, ताकि संगठन की पकड़ को मजबूत किया जा सके। वहीं राव नरेंद्र सिंह ने जिला अध्यक्षों को बदलने की चर्चा को अफवाह बताया।

उन्होंने बताया कि पिछली बार जब राहुल गांधी जी ने मीटिंग की थी उसमें चार केटेगरी बनाई गई थीं। जिसमें बहुत अच्छा काम करने वाले जिला अध्यक्षों को ए केटेगरी में रखा गया, थोड़ा अच्छा काम करने वालों को बी केटेगरी में, संगठन में थोड़ा कम सक्रिय जिला अध्यक्षों को सी केटेगरी और सबसे कम सक्रिय जिला अध्यक्षों को डी केटेगरी में रखा गया है।

उन्होंने कहा कि जिला अध्यक्षों को बदलने की पावर उनके हाथ में नहीं है, वो हाईकमान तय करेगा। सभी जिला अध्यक्षों के कामों की समीक्षा हाईकमान द्वारा की जा रही है।

लोकतंत्र में सबका अधिकार

कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट में शामिल पर महिला टीचर को सरकार द्वारा सस्पेंड करने के सवाल पर राव नरेंद्र ने कहा कोई भी व्यक्ति या कोई भी पार्टी अगर सरकार के गलत कामों के खिलाफ आवाज उठाती है तो लोकतंत्र में सबका अधिकार है। आवाज उठाने का और आवाज उठानी चाहिए और अधिकार देना चाहिए, क्योंकि हमारे देश में तानाशाही नहीं है।

राव नरेंद्र ने कहा मेरा निजी विचार है, अगर कोई साथी किसी का समर्थन करता है तो वह उसका अधिकार है। लेकिन टीचर होने के नाते से जो सरकारी नौकरी करने वालों को इस तरह के प्रदर्शनों से दूर रहना चाहिए।

रेनू भाटिया के इस्तीफे पर भी बोले

हरियाणा महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया के इस्तीफा देने के मामले पर राव नरेंद्र ने कहा जो घटना घटी कुरुक्षेत्र के अंदर बहुत ही निंदनीय और बहुत ही गलत है। राव नरेंद्र ने कहा जिस व्यक्ति को इसी मामले के अंदर पहले सजा हुई है ऐसे व्यक्ति को दोबारा रखने नौबत सरकार को क्यों आई।

उन्होंने कहा कि मैं कुछ समय स्वास्थ्य मंत्री रहा हूं, इस मामले को बहुत गंभीरता से लेना चाहिए। राव नरेंद्र ने कहा जहां तक रेनू भाटिया का सवाल है उन्हें इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, जिससे किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचे। वहीं इस्तीफे पर बोले कि कहीं गलती लगी होगी तो उन्होंने इस्तीफा दिया हो होगा। इससे बेहतर तो वही बता सकती हैं।

एसआईआर मुद्दे और भविष्य की रणनीति पर चर्चा

बैठक में एसआईआर के मुद्दे को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। इस विषय पर जनता के बीच जाने और उनकी राय जानने की रणनीति तैयार की गई। इसके साथ ही आगामी राजनीतिक गतिविधियों और चुनावी रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया गया। सभी जिला अध्यक्षों को अपने स्तर पर सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने का लक्ष्य

राव नरेंद्र सिंह ने बैठक में कहा कि पार्टी का लक्ष्य राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाना है। इसके लिए जिला स्तर पर काम तेज करने की जरूरत है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपीं और कहा कि हर कार्यकर्ता इस लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए काम करें।

हर महीने अलग जिले में बैठक का उद्देश्य बताया

राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस हर महीने अलग-अलग जिलों में बैठक करती है। इसका उद्देश्य यह है कि जिला अध्यक्षों के बीच आपसी तालमेल और भाईचारा बना रहे। उन्होंने कहा कि इस तरह की बैठकों से संगठन के अंदर मजबूती आती है और कार्यकर्ताओं में उत्साह बना रहता है।

पुस्तकालयों के नाम बदलने के फैसले पर उठाए सवाल

प्रदेश अध्यक्ष ने हरियाणा सरकार के उस फैसले पर भी सवाल उठाए, जिसमें डॉ. भीम राव अंबेडकर के नाम पर बनी लाइब्रेरी का नाम बदलकर अटल लाइब्रेरी करने की घोषणा की गई है। राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि वे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का सम्मान करते हैं, लेकिन बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर को पूरा विश्व मानता है।

उन्होंने सरकार से मांग की कि लाइब्रेरियों के नाम न बदले जाएं। अगर सरकार कोई नई उपलब्धि बनाती है तो उसका नाम अटल जी के नाम पर रखा जा सकता है।

10 जून के आदेश और प्रदर्शन रोकने पर विरोध

राव नरेंद्र सिंह ने 10 जून को जारी उस पत्र का भी विरोध किया, जिसमें 30 सितंबर तक जुलूस और प्रदर्शनों पर रोक लगाने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि किसी को अनुमति न दी जाए। राव ने इसे लोकतंत्र के खिलाफ बताते हुए कहा कि महंगाई बढ़ रही है और लोग परेशान हैं, ऐसे में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार छीनना गलत है।

राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि यह फैसला लोकतंत्र की हत्या के समान है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति ऐसी है जैसे लोगों को मार भी पड़ रही है और उन्हें रोने भी नहीं दिया जा रहा। उन्होंने इसे एक तरह की इमरजेंसी बताते हुए कड़ी निंदा की और सरकार से इस फैसले को वापस लेने की मांग की।