- गांव में जाने की हिम्मत नहीं
हरियाणा के कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने वोटर लिस्ट के स्पेशल इंसेंटिव रिवीजन (SIR) और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर विपक्ष, खासकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस बेवजह जनता को गुमराह कर रही है, जबकि मतदाता सूची का शुद्धिकरण कोई नई प्रक्रिया नहीं है। यह काम देश में पहले से चलता आया है।
कुरुक्षेत्र के शाहाबाद में आज बेदी अपने जन्मदिन पर सामाजिक संस्था हेल्पर्स सोसायटी के कार्यक्रम में पहुंचे थे। बेदी ने संस्था की ओर लगाए वाटर कुलर का लोकार्पण भी किया। बेदी ने अपने अंदाज में कहा कि उन्हें समझ नहीं आता कि विपक्ष आखिर है कहां? विपक्ष केवल बयानबाजी करता है और फिर अपने घर चला जाता है।
बोले- कई बड़े राज्यों में सत्ता से बाहर है कांग्रेस
कांग्रेस पर हमला बोलते हुए बेदी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी देश के कई बड़े राज्यों में 50-50 साल से सत्ता से बाहर है। पश्चिम बंगाल में कांग्रेस करीब 58 साल से सत्ता में नहीं आई। अब भी शायद 2 सीट आई होंगी। तमिलनाडु में 48 साल, ओडिशा में 40, दिल्ली में 20, बिहार में 56 और उत्तर प्रदेश में 52 साल से नहीं है। जितने बड़े स्टेट है, वहां कांग्रेस नहीं है।
कांग्रेसी ताश खेल लिए पर टाइम पास नहीं हो रहा
अब यहां सरकार बनाने के ख्याल से कांग्रेसी खुश हो रहे हैं। विपक्ष और क्या करेगा ? उनकी दुकान तो है नहीं, ताश भी खेलकर थक चुके हैं। उनकी गांव में जाने की हिम्मत नहीं है। फिर इकट्ठे होकर मुख्यमंत्री के आवास का घेराव कर लो। चलो फिर चंडीगढ़ चलो। इनका टाइम पास नहीं हो रहा। उनको दूर-दूर तक नजर नहीं आ रहा उनका नंबर पड़ेगा।
शुद्धिकरण का विरोध क्यों
कैबिनेट मंत्री बेदी ने सवाल उठाया कि कांग्रेस, इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) और जेजेपी ने अपने-अपने बीएलओ और बीएलए-2 क्यों बनाए थे। उनके रिकॉर्ड चुनाव आयोग के पास जमा क्यों करवाए? अगर ये सभी पार्टी अपने वोटों की चिंता करते, तो फिर मतदाता सूची के शुद्धिकरण का विरोध क्यों किया जा रहा है।
बोले- 1952 से चल रही प्रक्रिया
बेदी ने कहा कि मतदाता सूची की जांच और शुद्धिकरण का काम साल 1952, 1957 और 1967 के चुनावों में भी हुआ था। उसके बाद भी लगातार होता रहा है। यह चुनाव आयोग का तय कार्यक्रम है, जिसे हर सरकार के दौरान लागू किया जाता है। ऐसा नहीं है कि यह पहली बार भाजपा सरकार में किया जा रहा है।
अपना उदाहरण देकर समझाया
कृष्ण बेदी बोले कि मान लो मेरा कृष्ण बेदी का निवास शाहाबाद में है, एक सरकारी आवास चंडीगढ़ में है और एक नरवाना में है। अगर मेरी तीन जगह वोट बनी हुई है तो मैं वोट कहां डालूंगा? एक व्यक्ति की तीन वोट का मतलब है कि लोकतंत्र के आंकड़े गलत हो रहे हैं। अगर किसी का नाम कई जगह वोटर लिस्ट में दर्ज है तो उसे ठीक करना जरूरी है।
शुद्धिकरण बहुत जरूरी काम
उन्होंने कहा कि कुछ लोगों के नाम मृत्यु के बाद भी सूची में बने रहते हैं। नए युवा 18 साल की उम्र पार करने के बावजूद वोटर नहीं बन पाते। ऐसे में सूची का शुद्धिकरण जरूरी है। जिन बेटियों की शादी होकर ससुराल चली गई है, उनकी वोट वहीं बनेगी। इसी तरह जो बहुएं घर में आई हैं, उनकी वोट नए क्षेत्र में दर्ज होनी चाहिए।
चेयरपर्सन भाटिया का मामला अलग
बेदी ने LNJP अस्पताल की ओपीडी में 15 साल की लड़की से रेप मामले पर आरोपी डॉक्टर शैलेंद्र शर्मा को सख्त सजा दिलाने की बात कही। ये बहुत ही निंदनीय घटना है। डॉक्टर ने उस बेटी के साथ बहुत घिनौनी हरकत की। कहा कि राज्य महिला आयोग की पूर्व चेयरपर्सन रेणु भाटिया का मामला अलग है। उसे डॉक्टर के मामले से नहीं जोड़ना चाहिए।
