•  नई नियुक्तियों पर होगा मंथन, संगठन में बदलाव के संकेत

हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (HPCC) ने 8 जुलाई को दोपहर 1 बजे सेक्टर-9बी स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में जनरल बॉडी की अहम बैठक बुलाई है। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह करेंगे, जबकि हरियाणा के नवनियुक्त प्रभारी संजय दत्त पहली बार पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे।

यह बैठक ऐसे समय हो रही है, जब हरियाणा कांग्रेस लंबे समय से संगठनात्मक फेरबदल का इंतजार कर रही है। नए प्रभारी के जिम्मेदारी संभालने के बाद यह पहली बड़ी बैठक है, इसलिए इसे आगामी संगठन विस्तार और राजनीतिक रणनीति तय करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इसलिए अहम मानी जा रही बैठक

नए प्रभारी संजय दत्त पहली बार पूरे संगठन के सामने अपनी कार्ययोजना रखेंगे। प्रदेश संगठन में लंबे समय से लंबित नियुक्तियों और फेरबदल पर चर्चा हो सकती है। जिला और ब्लॉक स्तर पर संगठन को सक्रिय करने की रणनीति बनाई जा सकती है। आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों और चुनावी तैयारियों को लेकर नेताओं और कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं।

पार्टी के सभी प्रमुख गुटों के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी के चलते संगठनात्मक एकजुटता का संदेश देने की भी कोशिश होगी।

ये दिग्गज रहेंगे मौजूद

बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कांग्रेस महासचिव एवं सांसद कुमारी सैलजा, कांग्रेस महासचिव एवं सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला, कांग्रेस कार्यसमिति के विशेष आमंत्रित सदस्य एवं सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा तथा एआईसीसी सचिव एवं हरियाणा के सह-प्रभारी जितेंद्र बघेल विशेष रूप से मौजूद रहेंगे।

बैठक में ये रहेंगे शामिल

बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री, सांसद, विधायक, पूर्व सांसद-विधायक, जिला और ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष, प्रदेश कांग्रेस डेलीगेट्स, एआईसीसी सदस्य, अनुशासन समिति के सदस्य, पिछले लोकसभा, विधानसभा और निकाय चुनावों के पार्टी प्रत्याशी, यूथ कांग्रेस, एनएसयूआई, महिला कांग्रेस समेत सभी प्रकोष्ठों और विभागों के पदाधिकारियों को आमंत्रित किया गया है।

हरियाणा कांग्रेस में नए प्रभारी की नियुक्ति के बाद यह पहली व्यापक संगठनात्मक बैठक है। ऐसे में सबसे बड़ी नजर इस बात पर रहेगी कि संगठन में बदलाव, नई नियुक्तियों और आगामी राजनीतिक रोडमैप को लेकर क्या संदेश दिया जाता है। बैठक से पार्टी के अंदर लंबे समय से लंबित संगठनात्मक फैसलों की दिशा भी साफ हो सकती है।