- 12 साल में एक भी काम नहीं हुआ
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा रविवार को भिवानी पहुंचे। उन्होंने पूर्व मंत्री जगन्नाथ की धर्मपत्नी के निधन पर उनके परिवार से मुलाकात कर शोक व्यक्त किया और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने प्रदेश सरकार पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा।
हुड्डा ने कहा कि नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार हरियाणा की वित्तीय स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश पर करीब साढ़े 5 लाख करोड़ रुपए का कर्ज हो चुका है। उनके अनुसार कानून व्यवस्था भी ठीक नहीं है और प्रदेश में असुरक्षा का माहौल है।
उन्होंने आरोप लगाया कि 12 साल के कार्यकाल में सरकार ने न नई बिजली उत्पादन इकाई लगाई, न बिजली लाइन का विस्तार किया और न नई रेलवे लाइन बनाई। उन्होंने कहा कि इस दौरान कोई नई यूनिवर्सिटी और आईएमटी भी नहीं बनाई गई। हुड्डा ने उद्योगों के प्रदेश से बाहर जाने का भी दावा किया।
भिवानी के विकास पर भी घेरा
पूर्व सीएम ने कहा कि भिवानी में 12 साल में सरकार अपने किसी एक बड़े काम को गिनाकर बताए। उन्होंने किसानों की आय दोगुनी करने के दावे पर भी सवाल उठाया। कहा कि किसानों की लागत कई गुना बढ़ गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कर्ज की किश्त और ब्याज चुकाने के लिए भी नया कर्ज ले रही है।
विधानसभा में धक्कामुक्की पर बोले
विधानसभा में हुई धक्कामुक्की को लेकर भाजपा की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर हुड्डा ने कहा कि उन्हें विधानसभा का प्रोटोकॉल पता है। उन्होंने कहा कि सदन में उन्होंने पूछा था कि उन्हें किसके आदेश से रोका गया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के सदस्यों को रोकना उनके अधिकार का मामला है, लेकिन उन्हें इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला।
वहीं, हुड्डा ने कहा कि अभय चौटाला को नोटिस भेजा जा चुका है और जरूरत पड़ने पर दूसरा नोटिस भी भेजा जाएगा।
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल पर सरकार को घेरा
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल पर हुड्डा ने कहा कि विधानसभा में सरकार की ओर से कहा गया कि पूरे देश में कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की कोई नीति नहीं है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 की नीति में तीन साल की सेवा के बाद कर्मचारियों को पक्का करने का प्रावधान था। उन्होंने सरकार से इसी नीति को लागू करने की मांग की। हुड्डा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में भी दो साल बाद कर्मचारियों को नियमित करने की व्यवस्था का उदाहरण दिया गया है।
