पश्चिम बंगाल के मालदा में शनिवार को पीएम मोदी ने कहा कि बंगाल की टीएमसी सरकार बहुत ही निर्दयी है, निर्मम है। केंद जो पैसा भेजता है उस पैसे को ये टीएमसी के लिए लूट लेते हैं। टीएससी के लोग बंगाल के मेरे गरीब भाई-बहनों के दुश्मन बने हैं।
आयुष्मान भारत योजना पर बात करते हुए पीएम ने कहा कि, टीएमसी वालों को आपकी तकलीफ की कोई चिंता नहीं है। वो अपनी तिजोरी भरने में जुटे हैं। मैं चाहता हूं कि देश की तरह बंगाल के गरीबों को 5 लाख का मुफ्त इलाज मिले लेकिन ये योजना लागू नहीं होने दी गई है। ऐसी पत्थर दिल सरकार की बंगाल से विदाई जरूरी है।
पीएम ने मालदा में भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का उद्घाटन किया। उन्होंने ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह ट्रेन हावड़ा से गुवाहाटी के बीच चलेगी। उन्होंने ट्रेन के ड्राइवर से मुलाकात और उसके बारे में जाना। पीएम ने ट्रेन में मौजूद बच्चों से भी बात की।
PM ने पश्चिम बंगाल में 3,250 करोड़ रुपए से ज्यादा की रेल और सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया। उन्होंने वर्चुअली 4 अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई। ये ट्रेन उत्तरी बंगाल के न्यू जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार को भारत के दूसरे हिस्सों से जोड़ेंगी।
पूर्वी भारत के लोगों का विश्वास भाजपा के नाम
हमारा देश 2047 तक विकसित होने पर काम कर रहा है। इसलिए लिए पूर्वी भारत का विकास होना जरूरी है। पूर्वी भारत को दशकों तक नफरत करने वालों ने जकड़ रखा था। भाजपा ने नफरत की राजनीति करने वालों से पूर्वी भारत को मुक्त किया है। पूर्वी भारत के लोगों का विश्वास भाजपा के नाम है। उनका विश्वास भाजपा के साथ है।
पत्थरदिल सरकार की बंगाल से विदाई जरूरी
टीएमसी वालों को आपकी तकलीफ की कोई चिंता नहीं है। वो अपनी तिजोरी भरने में जुटे हैं। मैं चाहता हूं कि देश की तरह बंगाल के गरीबों को 5 लाख का मुफ्त इलाज मिले, यहां आयुष्मान भारत योजना लागू हो। बंगाल देश का एक मात्र ऐसा राज्य है। यहां ये योजना लागू नहीं होने दी गई है। ऐसी पत्थर दिल सरकार, ऐसी निर्मम सरकार की बंगाल से विदाई जरूरी है।
बंगाल की हर दिशा में सुशासन की सरकार
कुछ दिन पहले बिहार में बीजेपी-एनडीए की सरकार बनी है। यानी बंगाल की हर दिशा में बीजेपी के सुशासन की सरकार है। अब बंगाल की बारी है। इसलिए बिहार चुनाव की जीत के बाद मैंने कहा था- मां गंगा के आर्शीवाद से अब बंगाल में भी विकास की गंगा बहेगी। बीजेपी ये काम करके रहेगी।
