• ग्रामीण बोला-सवा साल में एक भी दिन समस्या सुनने नहीं आए, सांसद बोली-ऐसा नहीं

कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं सांसद कुमारी सैलजा के सामने एक ग्रामीण ने फतेहाबाद विधायक बलवान दौलतपुरिया काे असहज कर दिया। ग्रामीण ने सैलजा से कहा कि, 1 साल 3 महीने में विधायक एक बार भी गांव में समस्या सुनने नहीं आए। गांव की चौपाल में वोट मांगने आते हैं, तो समस्या सुनने में क्या दिक्कत है।

बता दें कि, दो दिन पहले कुमारी सैलजा भट्‌टू क्षेत्र के दौरे पर पहुंची थी। यहां उन्होंने गांव बनगांव और फिर भट्‌टू रेस्ट हाउस में कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनी। इसी दौरान ग्रामीण संजय कुमार ने उनके सामने कुछ शिकायतें रखीं।

चौपाल में एक दिन भी आकर समस्या नहीं सुनी

ग्रामीण संजय कुमार ने कहा कि एक मेरी शिकायत विधायक-जी के बारे में हैं, मैं सीधा मुंह पर कहूंगा। 1 साल 3 महीने 16 दिन हो गए, हमारे विधायक-जी को, चौपाल में जाकर जनता की समस्या नहीं सुनी एक दिन भी। सुननी चाहिए हमारे नुमांइदे है, हमने चुन रखा है।
वोट लेने चौपाल में आते हैं तो समस्या सुनने क्यों नहीं: पीछे से कुछ ग्रामीण बोले कि हर शुक्रवार को आते हैं। इस पर संजय कुमार ने कहा कि जब चौपाल में वोट लेने के लिए आते हैं, तो समस्या सुनने भी चौपाल में आना चाहिए। अगर मैं गलत हूं तो विधायक-जी बताएं, मैं इनको बहुत पुराना जानता हूं।

पूर्व विधायक पर लगाए टारगेट करने के आरोप

संजय कुमार ने पूर्व एमएलए दुड़ाराम को लेकर यह भी कहा कि पूर्व विधायक के लिए तो बैनर पर विधायक लिख दिया जाता है। हमारे विधायक को टारगेट कर रहे हैं, विधायक-जी को आवाज उठानी चाहिए।

सांसद बोली-काम करना है, काम करेंगे

इस पर सांसद सैलजा ने कहा कि कि ऐसा नहीं है। बहस की बात नहीं है। काम करना है, काम करेंगे, काम ही कर रहे हैं। सैलजा ने यह कहकर बात खत्म की कि अब कितनी देर और तेरा भाषण सुनें। और भी बहुत लोगों की समस्याएं हैं। इसके बाद सांसद दूसरे लोगों की समस्याएं सुनने लग जाती हैं।

दूसरी बार विधायक बने हैं बलवान दौलतपुरिया

बलवान सिंह दौलतपुरिया दूसरी बार फतेहाबाद से विधायक हैं। अक्टूबर 2024 में हुए विधानसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस पार्टी की टिकट पर चुनाव लड़ा। उन्होंने 86 हजार 172 वोट लेकर बीजेपी प्रत्याशी रहे दुड़ाराम को 2252 वोटों से हराकर विधायक बने। इससे पहले साल 2014 में इनेलो की टिकट पर फतेहाबाद से विधायक बने थे।

उस चुनाव में उन्होंने 60 हजार 539 वोट लेकर तब हजकां से उम्मीदवार रहे दुड़ाराम को 3505 वोटों से शिकस्त दी थी। हालांकि, दोनों ही बार जीतकर बलवान सिंह को विपक्ष में ही रहना पड़ा है।