- राव इंद्रजीत की लोकसभा में सरकार का बड़ा बदलाव
प्रदेश सरकार ने रेवाड़ी में जिला ग्रीवेंस चेयरमैन की नई सूची में रेवाड़ी की कमान राव नरबीर सिंह और नूंह की विपुल गोयल को सौंपी दी है। गुरुग्राम पहले से ही मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के पास है। आरती राव को कृष्णपाल गुजर के गढ़ फरीदाबाद की जिम्मेदारी सौंपी है। अब तक रेवाड़ी की जिम्मेदारी विपुल गोयल के पास थी।
एक तरफ जहां सरकार के इस फैसलें के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं तो दूसरी तरफ राव नबरबीर के आने से अफसरों की भी बेचैनी बढ़ने लगी है। राजनीति के जानकार नगर परिषद और धारूहेड़ा नगर पालिका में निकाय चुनाव में मिली जीत के बाद इस बदलाव को सियासी चश्मे से देख रहे हैं।
2029 से जोड़ा जा रहा बदलाव
2014 से अब तक राव इंद्रजीत सिंह दक्षिणी हरियाणा विशेषकर अहीरवाल में भाजपा का प्रमुख चेहरा रहे है। राव इंद्रजीत सिंह ने 2029 का चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा की थी। बाद में खुद ही अपने इस बयान से पलट गए थे। 76 के हो चुके राव चुनाव तक 80 के पार पहुंच जाएंगे। उम्र के इस पड़ाव पर चुनाव लड़ेंगे या नहीं, इस पर सस्पेंस बना हुआ है।
ऐसे कयास लगने लगे हैं कि राव नरबीर की सक्रियता बढ़ाकर भाजपा ने चुनाव से पहले भाजपा ने विकल्प तैयार करने की कवायद शुरू कर दी है। रामपुरा हाउस की राजनीतिक विरासत संभाल चुकी आरती पर पार्टी शायद अभी इतना बड़ा रिश्क लेना नहीं चाहती।
अफसरशाही की बढ़ने लगी बेचैनी
राव नरबीर सिंह की गिनती प्रदेश के तेज-तरार और बोल्ड मंत्रियों में होती है। जबकि विपुल गोयल को शॉफ्ट माना जाता है। मनोहर सरकार पार्ट-1 में राव नरबीर सिंह के पास रेवाड़ी की जिम्मेदारी थी। मीटिंग में सुनवाई के दौरान अपने फैसलों से राव नरबीर सिंह अक्सर सुर्खियों में रहते थे। जिस कारण नए फेरबदल ने अफसरशाही की बेचैनी को बढ़ा दिया है।
हुड्डा के गढ़ में श्रुति को जिम्मेदारी
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और किरण चौधरी में भी 36 का आंकड़ा माना जाता है। पहले कांग्रेस और अब भाजपा में आने के बाद किरण चौधरी भूपेंद्र सिंह हुड्डा को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ती। श्रुति चौधरी जिम्मेदारी सौंपने के पीछे रोहतक में किरण चौधरी और बंशीलाल परिवार की सक्रियता बढ़ाने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है।
