- पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम पर जताया विरोध, विधायक नहीं पहुंचे, बोली-सभी को बुलाया
सिरसा में पेट्रोल एवं डीजल के बढ़ते दाम पर कांग्रेस पार्टी ने आज (बुधवार को) प्रदर्शन किया। कांग्रेस समर्थकों ने केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल व डीजल के रेट बढ़ाने पर रोष जताया। कांग्रेस समर्थकों ने डीसी को ज्ञापन सौंपने की मांग की, पर वे नहीं आए। इस जिद पर सभी लघु सचिवालय गेट के बाहर धरने पर बैठे गए। इस दौरान पुलिसबल भी तैनात रहा।
इस प्रदर्शन में कांग्रेस से कोई विधायक या अन्य नेता नजर नहीं आए। नीट पेपर लीक पर भी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
जिलाध्यक्ष संतोष बैनिवाल ने मीडिया से बातचीत में बताया, जो तेल की कीमतों के दाम बढ़े हैं और हर चीजों की कीमत बढी है। सरकार आंखें बंद कर बैठी है, उसी को लेकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा है। अगर सरकार ने इसके बावजूद उनकी मांगे पूरी नहीं की तो पार्टी के अगले आदेश की पालना करेंगे। सरकार द्वारा बातें बनाने से कुछ नहीं होता।
युवा नशे की दलदल से बाहर आता है या शिक्षित होता है
अगर नशे की बात करे तो बार-बार मैराथन निकाल रहे हैं, पर देश के युवा का भविष्य खतरे में हैं। सरकार की मंशा सही है तो नशे पर रोक क्यों नहीं लगा रहे। मंशा ठीक होती तो नशे पर एकदम रोक लगा सकते थे। युवा नशे की दलदल से बाहर आता है या शिक्षित होता है तो युवा सरकार से जवाब मांगेगा।
केंद्र सरकार ने तीन दिनों में दो बार तेल के रेट बढ़ा दिए हैं
कांग्रेस जिलाध्यक्ष संतोष बैनिवाल ने कहा, केंद्र सरकार ने तीन दिनों में दो बार तेल के रेट बढ़ा दिए हैं। इससे तेल प्रति लीटर 100 रुपए के पार चला गया है। तेल की इन बढ़ती कीमतों से लोगों की दैनिक दिनचर्या बुरी तरह से प्रभावित होगी। इससे सब्जी, फल एवं अन्य चीजें महंगी हो जाएगी और लोगों का महंगाई से जीना दुभर हो जाएगा।
उन्होंने बताया, कांग्रेस आमजन के मुद्दे धरातल से लेकर विधानसभा-सदन में उठाने का काम कर रही है। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर ये प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन के बाद मांग पत्र सरकार के नाम पर सौंपा जाएगा, ताकि आमजन को राहत मिल सके।
नीट को लेकर यूथ कांग्रेस ने प्रदर्शन किया था
इससे पहले शुक्रवार को यूथ कांग्रेस ने नीट व पेपर लीक मामले में यूथ कांग्रेस ने लघुसचिवालय गेट के बाहर प्रदर्शन किया था। इस दौरान कांग्रेस समर्थकों ने केंद्रीय मंत्री एवं प्रधानमंत्री के पुतले का दहन किया था। आरोप लगाया था कि सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है और केंद्रीय शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।
