- पर्यटन मंत्री बोले-चाय का इंतजाम रहेगा
हरियाणा के विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने मंगलवार को चंडीगढ़ में हरियाणा पर्यटन निगम की प्रबंध निदेशक ममता शर्मा के साथ प्रेसवार्ता कर बताया कि राज्य सरकार हरियाणा की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और उसे पर्यटन के माध्यम से नई पहचान देने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में विरासत स्थलों और पर्यटन स्थलों के संरक्षण, जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण पर 100 करोड़ रुपए से अधिक की राशि खर्च की जा रही है। सरकार का उद्देश्य है कि ऐतिहासिक धरोहरों को न केवल संरक्षित किया जाए, बल्कि आमजन को उनके महत्व से भी परिचित कराया जाए।
6 प्रमुख ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थल चुने
डॉ. शर्मा ने बताया कि विश्व पर्यटन दिवस 2024 के अवसर पर पहली बार हेरिटेज वॉक का आयोजन किया गया था, जिसे लोगों का अच्छा प्रतिसाद मिला। अब 30 मई, 2026 (शनिवार) को सुबह 6 बजे से 8 बजे तक दूसरी हेरिटेज एंड सिटी वॉक आयोजित की जाएगी। इस बार प्रदेश के छह प्रमुख ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों को चुना गया है, जहां विशेषज्ञ गाइड पर्यटकों को स्थलों का इतिहास और महत्व विस्तार से बताएंगे।
इन 6 स्थानों पर होगी हेरिटेज वॉक
पिंजौर में यादविंद्रा गार्डन, गुरुद्वारा मंजी साहिब, भीमा देवी मंदिर स्थल संग्रहालय, धारामंडल पिंजौर, प्राकृतिक बावड़ी का भ्रमण कराया जाएगा। वहीं, मोरनी किला के भ्रमण के दौरान मोरनी हिल्स के ऐतिहासिक किले का भ्रमण कराया जाएगा।
कुरुक्षेत्र में ज्योतिसर तीर्थ, विराट स्वरूप, महाभारत अनुभव केंद्र, सूरजकुंड भ्रमण में असोला-भाटी वन्यजीव अभ्यारण्य तक भ्रमण कराया जाएगा। वहीं, रेवाड़ी में सैंडपाइपर टूरिस्ट कॉम्प्लेक्स, बड़ा तालाब, वल्लभगढ़ में राजा नाहर सिंह महल, रानी की छतरी का भ्रमण कराया जाएगा।
500 रुपए शुल्क, मिलेंगी कई सुविधाएं
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि हेरिटेज एंड सिटी वॉक में भाग लेने के लिए प्रति व्यक्ति 500 रुपए शुल्क निर्धारित किया गया है। इस शुल्क में प्रतिभागियों को पेयजल, चाय/कॉफी, टोपी, रिफ्रेशमेंट उपलब्ध कराए जाएंगे।
डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य युवाओं और आम नागरिकों को अपने आसपास की ऐतिहासिक धरोहरों से जोड़ना है। इससे न केवल लोगों में अपनी संस्कृति और इतिहास के प्रति जागरूकता बढ़ेगी, बल्कि राज्य में पर्यटन को भी नया प्रोत्साहन मिलेगा।
