- भूपेंद्र बोले- न टायर्ड, न रिटायर, खुद फैसला लूंगा
हरियाणा में दो बार मुख्यमंत्री रहे और वर्तमान में सीएलपी लीडर भूपेंद्र सिंह हुड्डा के रिटायरमेंट की बात एक बार फिर सियासी गलियारों में सुर्खियों बटोर रही है। इस बार यह दावा पूर्व केंद्रीय मंत्री चौ. बीरेंद्र सिंह ने किया। रोहतक में बीरेंद्र ने कहा-
हुड्डा डेढ़ साल बाद रिटायर हो जाएगा।
बीरेंद्र की बात 2 वजहों से अहम मानी जा रही है। एक तो बीरेंद्र सिंह हुड्डा की बुआ के बेटे होने के नाते उनके भाई हैं। दूसरा बीरेंद्र के बेटे पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह 23 मई को हुड्डा के गढ़ किलोई में ही अपनी सद्भाव यात्रा का समापन करने जा रहे हैं। बीरेंद्र खुद 80 साल के हैं, जबकि हुड्डा उनसे डेढ़ साल छोटे हैं।
इससे पहले पूर्व सीएम एवं केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर भी दो बार हुड्डा के राजनीतिक संन्यास की बात कह चुके हैं। वहीं, इस बारे में भूपेंद्र सिंह हुड्डा का रिएक्शन लिया। उन्होंने कहा- मैं पहले कह चुका हूं ना तो मैं टायर्ड हूं और ना रिटायर्ड हूं। रिटायरमेंट का फैसला मेरा खुद का होगा। कोई और इसका फैसला नहीं ले सकता। सबको यात्रा निकालने का अधिकार है।
सबसे पहले जानिए..बीरेंद्र सिंह ने क्या बातें कहीं
मैं बीपी- शुगर का मरीज, 8 साल से कैंसरः रोहतक में आए बीरेंद्र सिंह ने आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रहे नवीन जयहिंद से मुलाकात के दौरान उनको राजनीतिक टिप्स दिए। इसी दौरान कहा- राजनीति में सबके साथ मजबूत संबंध होने चाहिए। मुझे 30 साल से ज्यादा समय से बीपी और शुगर है। पिछले 8 साल से कैंसर है। मगर संयमित जीवन जीता हूं।
बेटा अब ज्यादा चलने नहीं देताः बीरेंद्र सिंह ने बताया- मैं आज भी छह किमी पैदल बिना थके चल सकता हूं, मगर बेटा अब ज्यादा चलने नहीं देता। मैं सद्भाव यात्रा के दौरान बेटे संग चलना चाहता था, मगर बृजेंद्र कहता है आप गाड़ी में बैठो। वह मेरा ध्यान रखता है।
खट्टर 2 बार दे चुके संन्यास की सलाह
बता दें कि पूर्व सीएम एवं केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कुछ दिन पहले करनाल 3 दिन के भीतर 2 बार बयान देकर हुड्डा को संन्यास लेने की सलाह दी। उन्होंने कहा था- हुड्डा को राजनीति से संन्यास ले लेना चाहिए। हुड्डा साहब जब तक वहां रहेंगे न तो स्थानीय निकाय चुनावों में कुछ मिलेगा, न ही अन्य चुनावों में कुछ मिलेगा।
कांग्रेस की पुरानी पीढ़ी रिटायर होती जाएगी, नए आदमी कुछ आएंगे, कुछ भला कर पाएंगे। खट्टर ने यह भी कहा- मैं हुड्डा की उम्र में आकर जरूर रिटायर हो जाऊंगा। उल्लेखनीय है कि दो बार सीएम रहे खट्टर 72 साल के हो चुके हैं।
विश्लेषकों की नजर में इसके 2 बड़े मायने
हुड्डा बड़े जाट चेहरा, रिटायरमेंट से ही रिप्लेसमेंट संभव
राजनीतिक विश्लेषक डॉ. सतीश त्यागी कहते हैं कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा बड़े जाट चेहरा हैं। 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनाव में जाट वोटबैंक का बड़ा हिस्सा कांग्रेस को मिला था। ऐसे में कांग्रेस के लिए उन्हें साइड लाइन करना आसान नहीं। उम्र के हिसाब से रिटायरमेंट होने से रिप्लेसमेंट संभव है।
राहुल के यात्रा में शामिल होना बड़ा मैसेज
बृजेंद्र सिंह की सद्भाव यात्रा हरियाणा के सभी 90 हलकों में से गुजरी। सभी जगह हुड्डा समर्थकों ने यात्रा से दूरी बनाकर रखी। हालांकि 8 मई को गुरुग्राम में राहुल गांधी यात्रा में शामिल होने पहुंचे तो हुड्डा को भी जाना पड़ा। राहुल ने सद्भाव यात्रा को भाईचारा और संगठन मजबूत करने की पहल बताया।
किसान नेता सर छोटूराम के नाती हैं बीरेंद्र सिंह
बीरेंद्र सिंह 43 साल तक कांग्रेस में रहने के बाद 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद BJP में शामिल हो गए थे। कांग्रेस छोड़ने के पीछे की वजह उनके पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ मतभेद रहे थे, लेकिन अब हुड्डा और बीरेंद्र सिंह में दूरिया कुछ कम हुई हैं।
हरियाणा के सभी बड़े राजनेताओं से अच्छे संबंध
हरियाणा के सभी बड़े राजनेताओं इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला, भूपेंद्र सिंह हुड्डा, स्वर्गीय ताऊ देवीलाल, स्वर्गीय बंसीलाल, स्वर्गीय भजनलाल के परिवार से बीरेंद्र सिंह के अच्छे संबंध रहे। इतना ही नहीं पूर्व मुख्यमंत्री और अहीरवाल के कद्दावर नेता रहे राव बीरेंद्र सिंह के परिवार के साथ भी चौधरी बीरेंद्र सिंह के परिवार के अच्छे संबंध रहे हैं।
बीरेंद्र राजीव के साथी रहे, बृजेंद्र राहुल के क्लासमेट
चौ. बीरेंद्र सिंह की कांग्रेस में पहले करीब 40 साल की पारी रही। तब उनका नारा होता था- छोटू राम का नाती, राजीव का साथी। हालांकि 2014 में बीरेंद्र सिंह कांग्रेस छोड़ भाजपा में चले गए थे। पिछले चुनाव में उन्होंने कांग्रेस में वापसी की। बृजेंद्र सिंह एक इंटरव्यू में बता चुके हैं कि साल 1992 में सेंट स्टीफन कॉलेज दिल्ली से इतिहास में बीए (ऑनर्स) किया। कॉलेज में पढ़ाई के दौरान राहुल गांधी के क्लासमेट थे। दोनों की अच्छी दोस्ती थी।
