• गांव-गांव जाकर समस्याएं सुने विधायक

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर तीन दिन के करनाल प्रवास पर हैं। रविवार को वह करनाल के गांव बालू पहुंचे, जहां उन्होंने मीडिया से बातचीत में जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी, वोटर लिस्ट सुधार प्रक्रिया (एसआईआर) और नीट परीक्षा को लेकर अपनी बात रखी।

उन्होंने कहा कि, चुनाव के बाद जनप्रतिनिधियों का जनता से दूर हो जाना ठीक नहीं है, इसलिए विधायकों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के गांवों में जाकर लोगों से मिलें और उनकी समस्याएं सुनें।

गांव-गांव जाकर लोगों से जुड़ने का अभियान

मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि, अक्सर यह सुनने को मिलता है कि चुनाव जीतने के बाद जनप्रतिनिधि जनता के बीच नहीं आते। इसे ध्यान में रखते हुए सभी विधायकों को गांवों में जाने के लिए कहा गया है। उन्होंने बताया कि लोकसभा क्षेत्र में करीब 575 गांव आते हैं, ऐसे में हर गांव में जाना संभव नहीं होता। इसलिए कुछ गांवों को चिन्हित कर वहां जाकर लोगों से मिलने और समस्याओं को समझने का अभियान शुरू किया गया है।

पंचायत, राज्य और केंद्र के काम अलग-अलग

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि गांवों में विकास कार्य अलग-अलग स्तर पर होते हैं। कुछ काम पंचायतों के अधीन होते हैं, कुछ राज्य सरकार और कुछ केंद्र सरकार के जिम्मे होते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की योजना है कि सभी गांवों में मूलभूत सुविधाएं पूरी तरह से उपलब्ध कराई जाएं और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाया जाए।

एसआईआर पर विपक्ष को जवाब

एसआईआर को लेकर विपक्ष के सवालों पर मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि विपक्ष लंबे समय से इसका विरोध कर रहा है, लेकिन जहां भी विरोध हुआ है, वहां विपक्ष को हार का सामना करना पड़ा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जिस गांव में वे पहुंचे हैं, वहां करीब 2500 से 2600 वोट बने हुए हैं, लेकिन मतदान के दौरान केवल करीब 1200 वोट ही डाले जाते हैं।

उन्होंने कहा कि कई लोग विदेश या शहरों में रह रहे हैं, लेकिन उनके वोट गांव में बने हुए हैं। कुछ मामलों में एक ही व्यक्ति के दो जगह वोट भी हो सकते हैं। एसआईआर का उद्देश्य ऐसे डुप्लीकेट वोट को खत्म करना है और यह सुनिश्चित करना है कि वोट वहीं बने जहां व्यक्ति वास्तव में रहता है।

देशभर में सुधार की प्रक्रिया

मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि बंगाल, असम सहित कई राज्यों में वोटर लिस्ट को लेकर समस्याएं थीं, लेकिन एसआईआर के माध्यम से इनका समाधान किया गया है। यह प्रक्रिया पूरे देश के हित में है और सही वोटर को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।

नीट परीक्षा को लेकर भी दिया बयान

नीट परीक्षा के मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि परीक्षा दोबारा आयोजित की जानी है। उन्होंने कहा कि छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए प्रदेश सरकार आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवा रही है। इसके लिए उन्होंने प्रदेश सरकार का धन्यवाद भी किया।